आरक्षक ने डॉगी को हॉकी स्टिक से पीट-पीटकर मार डाला:वीडियो वायरल होने के बाद पशु प्रेमियों में आक्रोश, कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस आरक्षक ने डॉगी के पिल्ले को हॉकी स्टिक से पीट-पीटकर मार डाला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद गुस्साए पशु प्रेमियों और आम नागरिकों ने आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है। यह मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का मामला है। डॉगी के पिल्ले की पिटाई का वीडियो वहां मौजूद एक युवक ने बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरक्षक पिल्ले को बेरहमी से पीट रहा है, जिससे उसकी मौत हो गई। देखिए घटना की तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, ममता नगर कॉलोनी के रहने वाले आरक्षक डीपी लातुरे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिख रहा आरक्षक राजनांदगांव पुलिस के साइबर विभाग में पदस्थ है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरक्षक हाथ में हॉकी स्टिक लिए हुए है और एक छोटे पिल्ले पर लगातार वार कर रहा है। पिल्ला दर्द से कराह रहा है, लेकिन आरक्षक इसके बाद भी उसे बार-बार मार रहा है। आरक्षक की पिटाई से डॉगी की मौत हो गई। आरक्षक के घर बाहर जमा हुई पशु प्रेमियों की भीड़ वहीं इस घटना का वीडियो वहां मौजूद एक युवक ने बना लिया और वायरल कर दिया। यह वीडियो इंटरनेट पर अपलोड होते ही तेजी से फैल गया। नेटिज़न्स ने इस कृत्य को ‘अमानवीय’ और ‘सत्ता का दुरुपयोग’ बताया है। इधर, वीडियो के वायरल होने के बाद आरक्षक के घर बाहर पशु प्रेमियों और आम नागरिकों की भीड़ जमा हो गई। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही बसंतपुर थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस से आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरक्षक के खिलाफ निलंबित करने की मांग वीडियो वायरल होने के बाद ट्विटर (X) और फेसबुक पर ‘Justice for Animal’ जैसे अभियान शुरू हो गए हैं। कई पशु अधिकार संगठनों और नेटिज़न्स ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ पुलिस को टैग करते हुए आरोपी आरक्षक के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने और उसे सेवा से निलंबित करने की मांग की है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कृत्य पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की विभिन्न धाराओं के तहत एक गंभीर अपराध है। एक स्थानीय पशु प्रेमी ने कहा, “वर्दी पहनकर रक्षक ही जब भक्षक बन जाए, तो समाज में क्या संदेश जाएगा? बेजुबान जानवरों के साथ ऐसी क्रूरता बर्दाश्त के बाहर है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों तक यह जानकारी पहुंच चुकी है। जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और संबंधित आरक्षक की पहचान की जा रही है। विभागीय स्तर पर जांच के बाद कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होने की संभावना है।

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