शहडोल जिले के आरक्षक महेश पाठक को ‘शहीद’ का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर बुधवार को लगभग 300 स्थानीय निवासियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री और शहडोल कलेक्टर को संबोधित किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि आरक्षक महेश पाठक 07 दिसंबर 2025 को शहडोल बस स्टैंड पर ड्यूटी कर रहे थे। दोपहर के समय, एक अनियंत्रित बस ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। आरक्षक पाठक पिछले कई दिनों से बस स्टैंड पर यातायात और अतिक्रमण नियंत्रण का कार्य कर रहे थे। उनके इस कार्य से आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ रहा था। नागरिकों ने मांग की है कि चूंकि महेश पाठक की मृत्यु कर्तव्य निर्वहन के दौरान हुई है, इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए। इससे उनके परिवार को मध्य प्रदेश शासन से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, दुर्घटना के लिए जिम्मेदार बस चालक और वाहन स्वामी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है। स्थानीय नागरिकों ने यह भी मांग की है कि शहडोल बस स्टैंड का नाम दिवंगत महेश पाठक के नाम पर रखा जाए। साथ ही, बस स्टैंड स्थित उद्यान के बीच उनकी पुलिस यूनिफॉर्म में एक प्रतिमा स्थापित की जाए। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लगभग 300 लोगों ने आरक्षक महेश पाठक को श्रद्धांजलि अर्पित की और अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की। ज्ञापन सौंपने वालों में समाजसेवी सबी ख़ान बंटी, पार्षद विकास तिवारी, पार्षद सिल्लू रजक, पार्षद प्रभात पांडे, पार्षद राजा यादव, शेख आबिद, अर्चना सिंह, अंजलि, रेणुका, आशीष गोले, मोहसिन खान, शुभम मिश्रा, सैफ़ ख़ान, अनुज सिंह, कुलदीप यादव, रौशन चौधरी, अभय, अर्श अली, विवेक, राज, आदित्य, आशु गौतम, मानिया सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।


