भास्कर न्यूज | सुकमा राज्य सरकार की वर्तमान आरक्षण प्रक्रिया के चलते प्रदेश में ओबीसी वर्ग को खासा नुकसान होने का आरोप बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण को रद्द कर दोबारा प्रक्रिया कर ओबीसी वर्ग के आरक्षण को बहाल करे। इसके लिए यदि अध्यादेश लाना पड़े या विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना पड़े तो इसे किया जाना चाहिए। मंडावी ने बताया कि राज्य सरकार ने पहले ओबीसी को धोखा दिया, अब सामान्य वर्ग को ठगा जा रहा है। प्रदेश में सरकार के खिलाफ विरोध हो रहा है, तब भाजपा अनारक्षित वर्ग की सीटों में पिछड़ा वर्ग को लड़ाने की बात कह रही है। सोमवार को पत्रकार भवन में पत्रकारों से चर्चा करते विधायक मंडावी ने कहा कि जिपं अध्यक्ष की एक भी सीट ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं है। नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी ओबीसी वर्ग के आरक्षण में कटौती की गई है। 2019 में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब ओबीसी के लिए 7 जिला पंचायत सीटें आरक्षित थीं, उस समय 27 जिले थे। वर्तमान में 33 जिले हैं और ओबीसी के लिए एक भी सीट नहीं है। पहले 25 प्रतिशत सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित थी, लेकिन इसे लगभग खत्म कर दिया गया है। इस दौरान महेश्वरी बघेल, दुर्गेश राय, राजेश नारा, राजूराम नाग, शेख सज्जार, लखमाराम नाग, माड़वी देवा, गुलाम मुर्तजा सहित अन्य मौजूद थे। सुकमा। पत्रकारों से चर्चा करते बीजापुर विधायक।


