तस्वीर में दिखाई दे रहे राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि (आरजीपीवी) के इस आधे-अधूरे खेल परिसर के निर्माण में गड़बड़ियां सामने आई हैं। इस कॉम्प्लेक्स की शुरुआती अनुमानित लागत 16.50 करोड़ हुई थी। रिवाइज्ड एस्टीमेटेड काॅस्ट 19.16 करोड़ तय हुई, जिसे प्रशासन ने मंजूरी दी। लेकिन पिछले 9 साल में मंजूर राशि से 4 करोड़ अधिक, 23.52 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। इसके बाद भी यहां न तो डीपीआर के मुताबिक हॉकी ग्राउंड तैयार हुआ है और न एथलेटिक्स ट्रैक। इसकी जगह झाड़ियां हैं। स्वीमिंग पूल की जगह पर सिर्फ गड्ढा है। बास्केटबाॅल के 6 की जगह 4 कोर्ट ही बने हैं। जबकि आरजीपीवी के रिकॉर्ड में मिले तत्कालीन निर्माण एजेंसी सीपीए के पत्र के अनुसार अप्रैल 2021 में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पूरा हो चुका है। तत्कालीन विवि प्रशासन ने 3 साल पहले इसका उद्घाटन भी करा दिया। पिछले दिनों नए कुलपति प्रो. राजीव त्रिपाठी ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्टूडेंट्स के लिए खोलने के निर्देश दिए तो हकीकत सामने आई। गड़बड़ियों को लेकर विवि ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री और विवि के संपदा अधिकारी को नोटिस दिया है। संपदा अधिकारी सबूर खान का कहना है कि जवाब पीडब्ल्यूडी को ही देना है। कमेटी ने कहा- वुडन फ्लोरिंग के बिना इंडोर गेम्स नहीं कराए जा सकते पीडब्ल्यूडी का तर्क- विवि ने कई बदलाव कराए, इसलिए लागत बढ़ी आरजीपीवी में सीपीए के समय का निर्माण है। विवि ने इच्छानुसार बदलाव कराए। इससे लागत बढ़ी। अब विवि बढ़ी हुई राशि नहीं दे रहा है। इसलिए निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। – संजय मस्के, सीई, पीडब्ल्यूडी प्रारंभिक तौर पर कई खामियां सामने आई हैं। संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर जांच करेंगे। शासन को भी जानकारी देंगे। -डॉ. मोहन सेन, रजिस्ट्रार, आरजीपीवी


