राज्य सरकार झारखंड में निजी स्कूलों के लिए लागू आरटीई 2019 संशोधन को पूरी तरह से रद्द करे। देशभर के अन्य राज्यों की तरह 2009 के आरटीई एक्ट के तहत झारखंड के निजी स्कूलों को मान्यता प्रदान किया जाए। रविवार को रांची में पासवा के राज्य स्तरीय सम्मेलन में यह प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही प्रस्ताव पारित किया गया कि 2019 के पहले स्थापित यू डाइस प्राप्त स्कूलों को जिन्होंने मान्यता के लिए प्रपत्र (क) भरा था, उन स्कूलों को 8वीं कक्षा तक बोर्ड परीक्षा देने के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने स्कूल कोड प्रदान कर पूर्व में ही मान्यता दे दी है। उन्हें फिर से मान्यता लेने के लिए परेशान नहीं किया जाए। गैर यू डायस प्राप्त स्कूलों को यू डायस प्रदान करने आैर 2009 के आरटीई के नियम के तहत झारखंड में भी निजी आैर सरकारी स्कूलों के संचालन व मान्यता का एक ही नियम रखा जाए। सम्मेलन में पारित प्रस्ताव को लेकर पासवा का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा, इससे पहले सोमवार को शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन से मिलेगा। सम्मेलन में पासवा के प्रदेश महासचिव डॉ. राजेश गुप्ता छोटू, फलक फातिमा व विभिन्न जिलों के पासवा के पदाधिकारी थे। एक्ट में संशोधन को रद्द करवाने का प्रयास किया जाएगा : केशव सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि आरटीई एक्ट में 2019 के संशोधन को तत्काल रद्द करवाने का प्रयास किया जाएगा। पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दुबे ने कहा कि निजी स्कूलों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। 2019 के आरटीई एक्ट के तहत एक भी विद्यालय बंद नहीं होगा।


