आरपीएससी पेपर लीक मामला:कटारा ने माना- 1.20 करोड़ की डील से बना था RPSC सदस्य, दो किश्तों में कांग्रेस नेता को दिए 40 लाख रुपए

पेपर लीक से जुड़े मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा से एसओजी पूछताछ में कुछ नहीं उगलवा सकी। मगर ईडी ने पूछताछ की ताे कई राज खुल गए। ईडी की पूछताछ में कटारा ने कबूला कि उसने आरपीएससी सदस्य बनने के लिए तत्कालीन डूंगरपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश खोड़निया से 1.20 करोड़ रुपए में सौदा किया था। इसके लिए खोड़निया के निकट सहयोगी अशोक जैन काे दाे बार में 40 लाख रुपए भी दिए थे। कटारा ने कबूला कि ये 40 लाख रुपए वही थे, जो उसने परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से साक्षात्कार में चयनित करने के बदले लिए थे। मैंने न तो किसी की सिफारिश की, ना किसी से रुपए लिए : खोड़निया “बाबूलाल कटारा ने सारी बातें गलत कही हैं। मुझे नहीं पता कटारा ने मेरा नाम क्यों लिया। कटारा से पूछताछ के बाद मेरे यहां ईडी की सर्च हुई थी। मेरे 24 लाख रुपए जब्त हुए। तीन माह पहले ही ये रुपए मैंने रिलीज करवा लिए। मैंने किसी के लिए काेई सिफारिश नहीं की। अब सारा मामला क्लियर हाे चुका है। मैंने किसी से रुपए भी नहीं लिए।” -दिनेश खोड़निया, वर्ष 2022 तक डूंगरपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष रहे RAS, कृषि अधिकारी व कॉलेज लेक्चरर भर्ती इंटरव्यू में लिए थे रुपए ईडी : किन-किन परिक्षाओं के इंटरव्यू में अभ्यर्थियों से रुपए लिए? कटारा : आरपीएससी की आरएएस, कृषि अधिकारी, कॉलेज लेक्चरर के इंटरव्यू के दाैरान अभ्यर्थियों काे अनुचित लाभ देने की एवज में 40 लाख रुपए मिले थे, वो ही दिए थे। इन अभ्यर्थियों से कुल कितनी राशि मिली यह जानकारी नहीं। ईडी : आरपीएससी सदस्य रहने के दाैरान किन- किन लाेगाें ने आपसे संपर्क किया या अनुचित लाभ लिया?कटारा : इंटरव्यू में अनुचित लाभ लेने के लिए कई लाेगाें ने संपर्क किए थे। इसके बदले में नकद राशि मिली, लेकिन ये राशि कितनी मिली ये जानकारी नहीं। काेई भी अभ्यर्थी सीधे मेरे संपर्क में नहीं था। जानकारों के जरिए संपर्क में आते थे। ईडी : क्या दिनेश खोड़निया सहित अन्य विधायकों को सदस्य बनने के लिए अनुचित वित्तीय लाभ दिया?कटारा : दिनेश खोड़निया ने मुझसे आरपीएससी सदस्य बनाने की इच्छा पूछी थी। इस पर सहमति दे दी थी। इसके बदले में खोड़निया ने वित्तीय लाभ देने की बात कही। तब आश्वस्त किया था कि सदस्य बनने के बाद पूरे कार्यकाल यानी छह साल तक हर साल 20 लाख रुपए दूंगा। तब डूंगरपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश खोड़निया की अगुवाई में विधायक गणेश गोगरा, खैरबाड़ा विधायकडॉ. दयाराम परमार, बागीदौरा विधायक महेन्द्र सिंह मालवीया, पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, जनजाति मंत्री अर्जुन बामणिया व प्रतापगढ़ विधायक रामलाल मीणा ने आरपीएससी सदस्य बनाने के लिए सीएम को सिफारिश की थी। इसके छह महीने बाद मेरा मनोनयन आरपीएससी सदस्य के पद पर कर दिया गया। किसी विधायक ने काेई राशि या किसी तरह का लाभ मेरे से नहीं लिया। ‘मैं और खोड़निया कॉलेज में एकसाथ पढ़ते थे, उनके क्षेत्र में बीडीओ भी रहा’

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