आरबीएम अस्पताल:अब बुजुर्गों को नहीं खाने पड़ेंगे धक्के, आरबीएम में रामाश्रय ओपीडी शुरू

आरबीएम अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले वृद्धजनों को अब सामान्य ओपीडी की भीड़ में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पिछले साल ओपीडी में 29 हजार 536 वरिष्ठ नागरिकों के पहुंचने और 1 हजार 763 मरीजों के रामाश्रय वार्ड में भर्ती होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुविधाओं का विस्तार किया है। अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से रामाश्रय ओपीडी और विशेष रजिस्ट्रेशन काउंटर शुरू किए गए हैं। इस व्यवस्था से बुजुर्ग मरीजों को पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक लंबी कतार में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। अस्पताल में प्रतिदिन ढाई से तीन हजार मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में सामान्य लाइन में इंतजार करना वृद्धजनों के लिए चुनौती बन जाता था। नई व्यवस्था से उन्हें प्राथमिकता आधारित और सम्मानजनक उपचार मिलेगा। रामाश्रय वार्ड पहले से संचालित, फिजियोथेरेपी से बेड-साइड केयर तक सुविधा उपलब्ध राज्य स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुति के लिए जयपुर टीम ने किया फिल्मांकन… अस्पताल में विकसित इस व्यवस्था को राज्य स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी है। इसी क्रम में जयपुर से आई टीम ने इस सप्ताह रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, ओपीडी संचालन, वार्ड प्रबंधन और फिजियोथेरेपी सेवाओं की डॉक्यूमेंट्री शूटिंग की। आरबीएम में वृद्धजनों के लिए रामाश्रय वार्ड पहले से अलग संचालित है। यहां भर्ती मरीजों को फिजियोथेरेपी, बेड-साइड उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में देखभाल दी जाती है। अब ओपीडी और रजिस्ट्रेशन सुविधा भी जुड़ने से उपचार की पूरी प्रक्रिया एकीकृत और सुव्यवस्थित हो गई है। “वरिष्ठ नागरिकों के लिए पर्चा, परामर्श और भर्ती तक अलग व्यवस्था की गई है। रामाश्रय रजिस्ट्रेशन काउंटर और ओपीडी शुरू कर दी गई है, जबकि वार्ड पहले से अलग संचालित है। अब वरिष्ठ नागरिकों को लंबी कतार में नहीं लगना पड़ेगा।”
— डॉ. नगेंद्र सिंह भदौरिया, चिकित्सा अधीक्षक, आरबीएम अस्पताल

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