आरयू-वीसी नियुक्ति विवाद-हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया 5लाख का जुर्माना:सरकार ने तथ्य रखते हुए कहा-आवेदन के समय याचिकाकर्ता ने स्वयं तथ्य छिपाएं

राजस्थान यूनिवर्सिटी (आरयू) की वीसी अल्पना कटेजा की नियुक्ति को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता पर हाईकोर्ट ने 5 लाख का जुर्माना लगाया हैं। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने याचिकाकर्ता प्रोफेसर महिपाल सिहाग पर जुर्माना लगाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता पहले जुर्माना राशि जमा करवाए, उसके बाद याचिका पर सुनवाई की जाएगी। दरअसल महिपाल सिहाग ने अदालत में याचिका लगाकर कहा था कि वीसी अल्पना कटेजा ने नियुक्ति के समय आवेदन में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छुपाई थी। उनकी नियुक्ति भी नियमों के विपरीत हुई हैं। लेकिन आज सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट में तथ्य रखते हुए कहा कि खुद याचिकाकर्ता ने वीसी पद पर आवेदन के समय अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की जानकारी छुपाई थी। ऐसे में इनकी याचिका को खारिज किया जाए। करीब दो साल पहले हुई थी नियुक्ति
राजभवन ने करीब दो साल पहले प्रोफेसर अल्पना कटेजा के आरयू वीसी के नियुक्ति आदेश जारी किए थे। कुलपति पद के लिए 1 अगस्त 2023 को विज्ञापन निकाला गया था। जिसमें अल्पना कटेजा सहित महिपाल सिहाग ने भी आवेदन किया था। लेकिन वीसी पद पर अल्पना कटेजा की नियुक्ति हुई थी। जिसे महिपाल सिहाग ने यह कहते हुए चुनौती दी थी कि अल्पना कटेजा ने आवेदन में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाई थी। वीसी पद के लिए चयनित उम्मीदवार में उच्चतम स्तर की क्षमता, ईमानदारी, नैतिकता और संस्थागत प्रतिबद्धता होना जरूरी है। प्रोफेसर पद पर भी उनकी नियुक्ति विवादित रही है और जब मूल नियुक्ति ही अनियमित हो तो ऐसे में वीसी पद पर नियुक्ति देना गलत है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को रद्द किया जाए। अदालत ने इस मामले में वीसी और सरकार को नोटिस जारी किए थे।

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