आरसीए लोकपाल विवाद पर रिट बेअसर, हाईकोर्ट ने कहा:नियुक्ति के बाद अब कोई मुद्दा नहीं बचा; श्रीगंगानगर क्रिकेट संघ की याचिका निस्तारित

श्रीगंगानगर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से दायर रिट याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने निस्तारित कर दिया है। आरसीए की ओर से बताया गया कि ओम्बड्समैन (लोकपाल) की नियुक्ति होने के बाद याचिका का औचित्य समाप्त हो गया है। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की कोर्ट में गुरुवार 4 दिसंबर को श्रीगंगानगर जिला क्रिकेट संघ के सचिव विनोद सहारण की ओर से दायर इस याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरसीए (एडहॉक कमेटी) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने पक्ष रखा। 2 अक्टूबर को हो चुकी है नियुक्ति आरसीए की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट डॉ. आचार्य ने कोर्ट को बताया कि “याचिका लंबित रहने के दौरान ही 2 अक्टूबर के आदेश के तहत नए लोकपाल की नियुक्ति की जा चुकी है”। उन्होंने तर्क दिया कि इस नियुक्ति के बाद याचिकाकर्ता की शिकायतों का निवारण हो गया है, इसलिए अब याचिका में सुनवाई के लिए कोई ‘कॉज ऑफ एक्शन’ (वाद का कारण) शेष नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील इस दलील का विरोध नहीं कर सके। कोर्ट ने रिकॉर्ड पर दर्ज किया कि याचिकाकर्ता पक्ष प्रतिवादियों की इस दलील को नकारने की स्थिति में नहीं है।​ फैसले के लिए अब कुछ शेष नहीं दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि नए लोकपाल की नियुक्ति के बाद अब इस रिट में किसी तरह का विवाद शेष नहीं रह गया है। इसलिए इस पर आगे विचार करने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब कुछ भी निर्णय करने के लिए बाकी नहीं है, इसलिए रिट याचिका को इसी आधार पर निस्तारित किया जाता है।​ इस तरह श्रीगंगानगर जिला क्रिकेट एसोसिएशन और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के एडहॉक कमेटी के बीच लोकपाल से जुड़ा विवाद कोर्ट की तरफ से औपचारिक रूप से समाप्त मान लिया गया।​

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