आरोप: क्या आप सदन में जासूसी करा रहे हैं?:देवनानी का पलटवार बोले- विपक्ष को 360 डिग्री कैमरा और स्पाई में फर्क नहीं पता, इसमें जासूसी क्यों दिख रही

विधानसभा में अतिरिक्त कैमरे पर जासूसी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने राज्यपाल से शिकायत की है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों के दल ने राज्यपाल से जॉइंट कमेटी बनाने, पूरे मामले की जांच करवाने और जांच तक विधानसभा को सील करने की मांग की है। कांग्रेस के आरोप पर स्पीकर वासुदेव देवनानी से दैनिक भास्कर ने बात की। देवनानी ने पलटवार किया। बोले- राज्यपाल से शिकायत में स्पाई कैमरे लगाने का जिक्र किया है कांग्रेस ने। अब कांग्रेस को समझाया जाए कि स्पाई कैमरे में और 360 डिग्री कैमरे में फर्क होता है। कैमरे लगाए यहां तक तो ठीक, आप उन कैमरों से विपक्ष की ऑडियो सुन रहे थे? कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद है। कैमरे के ऑडियो ऑन नहीं थे। उनके आचरण से बेहद दुखी हूं। सदन की चर्चा में भाग नहीं लेना, जनता के मुद्दे नहीं उठाना जैसे अनेक मुद्दे ऐसे हैं, जिन्हें मैं विधानसभा अध्यक्षों की बैठक में उठाऊंगा। कैमरे तो पहले से लगे थे, अलग से लगाने की क्या जरूरत थी? जगजाहिर है कि पूर्व में लोकसभा में दर्शक दीर्घा का एक व्यक्ति सदन के अंदर कूद गया था। क्या जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कैमरे लगाना गलत है। कैमरे ही जांच में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। अमूमन देखा होगा कि शोर शराबे के समय कैमरे इन पर से हट जाते हैं। लाइव भी बंद हो जाता है। ऐसे में कैमरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। फिर तो विपक्ष की जासूसी आसान है? इसमें ऑडियो चालू नहीं है। स्पीकर की भूमिका निष्पक्ष होती है। आप पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं? विपक्ष किसी को सुनना ही नहीं चाहता। महत्वपूर्ण बिलों की चर्चा में भाग नहीं ले रहा है। करीब 19 घंटे की विधानसभा संचालन में प्रश्नकाल से लेकर सदन के नेता के जवाब तक में दिक्कत पैदा कर रहा है। हमने इन्हें पूरा मौका दिया फिर भी भेदभाव की बात कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि संविधान क्लब की सदस्यता पर भी आपने रोक लगा रखी है। ये काम इससे जुड़ी कमेटी देखती है। इस कमेटी का मुखिया होने के नाते इतना ही कहना चाहता हूं कि मुझे जब सही लगेगा तब सदस्यता पर निर्णय करुंगा। डोटासरा ​के महिलाओं की जासूसी के बयान पर क्या कहेंगे? जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी कई विधायक आवासों में अन्य लोगों के निवास करने के मुद्दे पर क्या एक्शन लिया? ये मामला मेरी जानकारी में नहीं है। ऐसा एक-आध ही केस रहा होगा, जो कि सरकार की परमिशन से संभव है।

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