भास्कर न्यूज | प्रतापपुर प्रतापपुर क्षेत्र की सहकारी समिति के प्रबंधक दवनकारा एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर विवादों में घिर गए हैं। किसानों का आरोप है कि धान खरीदी के दौरान उनसे अवैध वसूली की जा रही है और नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए मनमानी कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रबंधक पर पहले भी करोड़ों रुपए के घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं और कई बार निलंबन की कार्रवाई के बावजूद वे प्रभावशाली ढंग से फिर पद पर बने रहे। किसानों के अनुसार धान खरीदी के समय हमाली के नाम पर प्रति किसान 15 रुपए की अवैध वसूली की जा रही है। यदि कोई किसान यह राशि देने से इनकार करता है या अपनी मजदूरी स्वयं लेकर आता है, तो उसकी धान खरीदी जानबूझकर टाल दी जाती है या रोक दी जाती है। इससे अन्नदाता किसानों में नाराजगी है। इसी मामले को लेकर ग्राम के किसान मोतीलाल कुशवाहा द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पैसा नहीं देने पर धान नहीं खरीदने का आरोप लगाया गया है। किसानों का कहना है कि शासन और जिला प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद समिति प्रबंधन मनमानी कर रहा है। इस संबंध में एसडीएम ललिता भगत ने कहा कि समिति के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


