उमरिया की बैगा कला ने मुंबई में आयोजित प्रतिष्ठित ‘आर्ट मुंबई शो’ में एक बार फिर अपनी पहचान स्थापित की है। पद्मश्री से सम्मानित दिवंगत जोधइया अम्मा और उनके परिवार के सदस्यों की बनाई सभी आठ पेंटिंग इस आयोजन में बिक गईं। बैगा कला को राष्ट्रीय मंच पर खास सम्मान मिला। 77 आर्ट गैलरियों ने लगाए अपने स्टॉल देश भर की 77 आर्ट गैलरियों ने कार्यक्रम में अपने स्टॉल लगाए थे। इनमें उमरिया का ‘जन-गण तस्वीर खाना’ भी प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा। ‘जन-गण तस्वीर खाना’ द्वारा प्रदर्शित सभी आठ पेंटिंग्स की बिक्री ने स्थानीय कलाकारों में उत्साह भर दिया। हजारों दर्शकों ने इस शो में पारंपरिक और आधुनिक कला का अवलोकन किया। हालांकि, बैगा कला की मौलिकता और रंगों की सरल सुंदरता ने लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया। जोधइया अम्मा की पेंटिंग्स की मांग ने यह साबित कर दिया कि उमरिया की यह कला धरोहर आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। निधन के बाद भी जोधइया अम्मा की पेंटिंग्स की लोकप्रियता बरकरार दिवंगत जोधइया अम्मा बैगा कला की एक प्रमुख पहचान थीं। उनके निधन के बाद भी उनकी बनाई पेंटिंग्स की लोकप्रियता बरकरार है। वर्तमान में, उनके परिवार के सदस्य और उनकी बहू ‘जन-गण तस्वीर खाना’ के माध्यम से इस कला परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। ‘जन-गण तस्वीर खाना’ के संचालक निमिष स्वामी ने शनिवार को बताया कि बैगा कला को देश-विदेश में लगातार सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय जोधइया अम्मा के गुरु रहे आशीष स्वामी ने ‘जन-गण तस्वीर खाना’ के माध्यम से बैगा कला को एक नई पहचान दी थी, और आज यह कला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना रही है।


