भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा जिला गव्य विकास विभाग की ओर से राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के तहत इस वर्ष जिले के 266 परिवारों को दुधारू गाय उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। योजना को लेकर विभाग द्वारा जिले भर में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें। जानकारी के अनुसार, इस वर्ष गव्य विकास विभाग को कुल 870 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से जांच और चयन प्रक्रिया के बाद 266 पात्र लाभुकों का चयन किया जाएगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आवेदन करने वालों की संख्या अधिक होने से लाभुकों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंच सके। खुद पसंद कर लाभुक चुनेंगे गाय : गिरीश : इस संबंध में जिला गव्य विकास पदाधिकारी गिरीश कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा गढ़वा जिले के लिए इस वर्ष 266 परिवारों को दुधारू गाय देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि लाभुकों को गाय उपलब्ध कराने के लिए विशेष मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें लाभुक अपनी पसंद की स्वस्थ और उच्च नस्ल की गाय का चयन कर सकेंगे। यह मेला विभागीय देखरेख में आयोजित होगा, जिससे गायों की गुणवत्ता और स्वास्थ्य को लेकर कोई समझौता न हो। योजना के तहत विभाग और संबंधित बैंकों के सहयोग से लाभुकों का बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया चल रही है। जिन लाभुकों का खाता खुल चुका है, उनसे अपील की गई है कि वे समय पर अपना अंशदान जमा कर दें, ताकि मेला के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंशदान जमा करने के बाद ही लाभुक मेला में भाग लेकर गाय का चयन कर पाएंगे। रांची में लाभुकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण : योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को रांची में सात दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य लाभुकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन, गायों की देखभाल, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, पशु आहार प्रबंधन और बीमारियों से बचाव की जानकारी देना है। प्रशिक्षण के दौरान लाभुकों के रहने और खाने की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क होगी, ताकि किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ उन पर न पड़े। जिला गव्य विकास पदाधिकारी ने यह भी बताया कि दुधारू गाय वितरण के लिए प्रस्तावित मेला फिलहाल शीतलहर के कारण आयोजित नहीं किया जा सका है। मौसम सामान्य होते ही मेला का आयोजन किया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि ठंड खत्म होते ही जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर लाभुकों को गाय उपलब्ध करा दी जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आय का एक स्थायी साधन बन सकती है। एक दुधारू गाय से न केवल दूध की बिक्री से आमदनी होगी, बल्कि गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद बनाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बेरोजगारी की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।


