आर्मी चीफ बोले- ऑपरेशन सिंदूर एक भरोसेमंद ऑर्केस्ट्रा जैसा था:हर म्यूजिशियन ने भूमिका निभाई, 22 मिनट में सेना ने 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर एक भरोसेमंद ऑर्केस्ट्रा की तरह था, जहां हर म्यूजिशियन ने एक साथ मिलकर काम करने वाली भूमिका निभाई, इसी तरह 22 मिनट में भारतीय सेना ने 9 आतंकी जगहों को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा- मिलिट्री ऑपरेशन में हालात के बदलने के साथ बदलाव का अंदाजा लगाने की दूर की सोच दिखाई देती है। यह एक ऐसा जवाब था जो उस पल में नहीं बल्कि सालों की सोच से बना था कि कैसे इंटेलिजेंस, सटीकता और टेक्नोलॉजी मिलकर एक्शन में बदल सकती हैं। जनरल द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ हमले किए और उसके बाद भारत के सभी जवाबी हमले भी ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए। न्यूक्लियर हथियारों से लैस दो पड़ोसियों के बीच करीब 88 घंटे तक चली मिलिट्री लड़ाई 10 मई की शाम को एक समझौते पर पहुंचने के बाद रुक गई। आर्मी चीफ शनिवार को दिल्ली में न्यू दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (NDIM) के दीक्षांत समारोह में पहुंचे थे। उनका संबोधन ‘Navigating Change: The Real Constant’ थीम पर आधारित था। उन्होंने छात्रों से कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और उसमें अवसर भी छिपे हैं। आर्मी चीफ की स्पीच की 5 प्रमुख बातें… 17 नवंबर: आर्मी चीफ बोले- एक साल से भारत-चीन संबंधों में सुधार आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा था कि पिछले अक्टूबर से भारत और चीन के संबंधों में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हालिया बैठकों में सामान्य स्थिति बहाल करने और विवादों के समाधान पर सकारात्मक चर्चा हुई है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि 21 अक्टूबर 2024 को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुआ समझौता भारत के लिए फायदेमंद रहा। इस समझौते में सीमा पर गश्त को लेकर बातचीत हुई है। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और चीन विकास साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं और यह भी कि मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक दिशाएं स्पष्ट हों, तो उससे सभी को लाभ होता है। पूरी खबर पढ़ें… ……………………….. जनरल उपेंद्र द्विवेदी की ये खबर भी पढ़ें… सेना प्रमुख बोले-जमीन पर कब्जा भारत में जीत का पैमाना:युद्ध 4 दिन का टेस्ट मैच नहीं, इसमें थल सेना की भूमिका हमेशा अहम रहेगी आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा था कि युद्ध के दौरान जमीन पर कब्जा ही भारत में जीत की असली ‘करेंसी’ या पैमाना है। इस वजह से थल सेना की भूमिका हमेशा सबसे अहम रहेगी। जनरल द्विवेदी दिल्ली में ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…

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