आर्यपुरी, रातू रोड के लाल नर्सिंग होम के आसपास रहने वाले 5000 से ज्यादा लोग आज नगर निगम के उपेक्षात्मक रवैये से परेशान हैं। इस गली में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं। गलियों में जहां-तहां कचरे का अंबार लगा रहता है। कचरे का उठाव नगर निगम सप्ताह में एक दिन ही करता है। गलियों के ऊपर से तारों का जाल बिछा हुआ है, जो किसी हादसे को आमंत्रण देता नजर आता है। सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। बरसात में सड़कों पर पानी जम जाता है। गलियों में नाली का पानी भर जाता है, जो घरों में घुस जाता है। नगर निगम में कई दफा शिकायत करने पर भी इनकी समस्याओं के समाधान के प्रति कोई प्रयास नहीं किया गया। लोगों ने बताया कि यहां सप्लाई वाटर सप्ताह में दो दिन आता है। मुहल्ले में चारों ओर दुर्गंध फैली रहती है। लोग अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखते हैं। मलेरिया, डेंगू जैसी कई बीमारियां यहां के लोगों को अपना शिकार बना रही हैं। आर्यपुरी गली में नर्सिंग होम भी है, जिसमें मरीजों को दुर्गंध के बीच रहना पड़ रहा है। निवासियों ने कहा कि यहां की सड़क तो खराब है ही। सांसद फंड से 4-5 माह पूर्व बनी सड़क भी खराब हो गई है। आधी सड़क ही बनाई गई है। आधी सड़क को गड्ढे खोद कर छोड़ दिया गया है। बिजली अक्सर कटती रहती है। क्योंकि बेतरतीब तारों के कारण कुछ न कुछ फॉल्ट आता रहता है। ये हैं क्षेत्र की खासियतें… 1. रातू रोड चौक से 500 मीटर की दूरी पर आर्यपुरी मोहल्ला बसा है। यहां से बस स्टैंड, मुख्य बाजार पास में ही है। 2. मोहल्ले के लोग पर्व-त्योहार मिलजुल कर मनाते हैं। सभी एक-दूसरे का सहयोग करने में आगे रहते हैं। 3. मोहल्ले में बिजनेसमैन, सरकारी अफसर, डॉक्टर और विभिन्न विभागों में काम करने वाले लोग रहते हैं। ये वादे अधूरे नगर निगम ने कूड़े उठवाने की बात हमेशा से कही है, लेकिन नहीं उठ रहा है। लोग दुर्गंध से परेशान हैं। सांसद फंड से बनी सड़क भी कुछ ही दिनों में जर्जर हो गई है, जबकि मजबूती का भरोसा दिया गया था। निगम ने कहा था कि मुहल्ले में अच्छा ड्रेनेज सिस्टम जल्द बनेगा, स्ट्रीट लाइटें ठीक होंगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अपनी सोसाइटी की समस्या बताएं भास्कर को अपनी सोसाइटी में बुलाने के लिए 9431363003, 9334308093 नंबर पर संपर्क करें या वॉट्सएप पर समस्या भेजें। खबर का असर…अग्रसेन पथ के नाले को रोटरी पार्क के नाले से मिलाया जाएगा सेवा सदन पथ से जुड़ी गलियों की नालियों से पानी निकल कर घरों में ही घुस जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम काफी तेजी से काम कर रहा है। यहां रहने वाले 2500 लोगों को जल्द ही अच्छी सड़क और अच्छा ड्रेनेज सिस्टम उपलब्ध होगा। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि उनका पूरा ध्यान है। नालियां बनाई जा रही हैं। सेवा सदन पथ के नाले की मरम्मत भी कराई जाएगी। इस नाले की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। बारिश थोड़ा डिस्टर्ब कर रहा है। इस नाले को रोटरी पार्क के पास मिलाया जा रहा है। नाला कनेक्ट हो जाने के बाद पानी की निकासी होने लगेगी, जिसके बाद सेवा सदन पथ पर जल जमाव नहीं होगा। क्षेत्र की अन्य नालियों के पानी की निकासी के भी हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि बड़ा तालाब की साफ-सफाई के लिए एक डीपीआर भी बन रहा है। इस डीपीआर में व्यवस्थित नालियां, बरसात के पानी का डिस्पोजल, गंदे पानी की सफाई आदि होंगे। डीपीआर जल्द बन जाएगा। नगर निगम इस क्षेत्र की समस्याओं को पूरी तरह से समाप्त करने को लेकर मंथन कर रहा है। जल्द ही ठोस उपाय किए जाएंगे। इधर, लगातार हो रही बारिश के कारण यहां के लोग परेशान हैं। मुख्य सड़क भी खराब हो गई है। भारी बारिश के कारण जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। मरीजों को इस पथ में स्थित सेवा-सदन अस्पताल आने में भी परेशानी हो रही है। यहां तक कि अस्पताल के अंदर भी पानी प्रवेश कर जाता है, जिससे मरीजों को भी परेशानी होती है। निगम बोला- आर्यपुरी के लोगों को राहत मिलेगी, प्लान बन रहा अपर प्रशासक नगर निगम ने कहा कि आर्यपूरी क्षेत्र में सफाई की समस्या का हल निकाला जा रहा है। निगम की तरफ से कूड़े उठाए जा रहे हैं। यहां के लोगों को राहत मिले, इसके लिए प्लानिंग चल रही है। बरसात के कारण कूड़ा उठाने के कार्य में बाधा आ रही है। नालियों पर भी ध्यान है। बारिश का पहला दौर रुकते ही सफाई का काम वृहत स्तर पर कराया जाएगा। नालियों से पानी पास होने में कहां दिक्कत आ रही है, इसकी जांच कर उसे क्लीयर किया जाएगा, जिससे सड़क पर जल जमाव नहीं हो। अनिल रजक : हमारे मोहल्ले में बिजली खूब कटती है। सभी गलियों में बिजली के तार झूले हुए हैं। बड़ी गाड़ियां यहां प्रवेश नहीं कर सकतीं। कई बार दुर्घटना भी हुई है। बरसात में लोग पलायन को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने गिनाईं मुहल्ले की समस्याएं रातू रोड आर्यपुरी के 5000 से ज्यादा लोग गंदगी व दुर्गंध के बीच रहने को विवश, नहीं मिल रहीं निगम की सुविधाएं यह सिर्फ एक शिकायत नहीं, हक की बात है… और जब हक की बात होगी, इसे जिम्मेदारों तक पहुंचाएगा भास्कर… डॉ. लाल : गंदगी से सभी परेशान हैं। नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी कष्ट होता है। मोहल्ले वाले आपस में ही पैसे जमा कर डस्टिबन लगाने की सोच रहे हैं। राजेश साहू : नालियों की सफाई और कचरे के उठाव के लिए दर्जनों बार हमने नगर निगम में शिकायत की। पार्षद से भी कहा। वीडियो अपलोड कर लोगों को भी जागरूक किया, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। विजय कुमार गुप्ता : गली में एक जगह पूरे मोहल्ले का कचरा डंप कर देते हैं। यहां बिल्डिंग के वेस्ट भी फेंक देते हैं। मोहल्ले की नालियों की साफ-सफाई नहीं हो रही है। शिकायत पर भी सुनवाई नहीं होती। सिस्टर सुमन : अस्पताल में मरीजों को आने-जाने में दिक्कत होती है। क्योंकि अस्पताल के बाहर कचरा डंप किया जाता है, जो सड़क पर फैल जाता है। कई घरों तक भी पहुंच जाता है। राजेंद्र अग्रवाल : हमलोग 400 रुपए हर माह शुल्क जमा करते हैं, फिर भी सुविधाएं एक नहीं मिलती। कचरे का उठाव नहीं होता। नालियां नहीं बनाई गई हैं। पूरे मोहल्ले में बदबू फैली रहती है। ओम प्रकाश चौहान : आर्यपुरी की गलियों में करीब 100 स्ट्रीट लाइट लगी हुई हैं, लेकिन 60 प्रतिशत जलती ही नहीं हैं। ये खराब हैं। रात में गलियों में गड्ढे वाले रास्ते से चलना दूभर हो जाता है। प्रदीप घोष : हमारी गलियों से कचरा दो-दो सप्ताह तक उठाया ही नहीं जाता है। मुहल्ले के अलावा यहां बाहर के लोग भी कचरा फेंक रहे हैं। नगर निगम की गाड़ी यहां तक कचरा उठाने कभी-कभी आती है। गली के कोने में कचरे का ढेर हमेशा लगा है, सड़क पर ऐसे ही गड्ढे बन गए हैं। अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, रात में लोग गिरकर चोटिल होते हैं।


