नर्मदापुरम में आर्ष गुरुकुल महाविद्यालय के 114वें वार्षिकोत्सव का रविवार को समापन हो गया। समापन से पहले गुरुकुल में आयोजित ब्रह्मचारी(छात्रों) के द्वारा योग, शौर्य का अभ्यास किया। ब्रह्मचारियों ने लाठी, तलवार, पट्टे जिम्नास्टिक, कराटे, दंड, सर्वांग सुंदर मुद्गल व्यायाम का प्रदर्शन किया। छात्रों ने अपने इस अभ्यास से लोगों को आकर्षित किया। मानव स्तूप की अलग-अलग आकृतियां बनाई। तलवारबाजी और डंडे लड़ाए गए। ब्रह्मचारियों ने भारतीय खेल मलखंभ में करतब दिखाए। गुरुकुल के निदेशक ने बताया आर्ष गुरुकुल को 114 साल पूरे हो गए हैं। यहां वैदिक संस्कृति, व्याकरण, उपनिषद की शिक्षा दी जाती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी डॉक्टर स्वामी परमार्थ देव महाराज ने कहा यह गुरुकुल पूरे देश के आस्था का केंद्र है। वैदिक परम्परा को जन-जन तक पहुंचाने का काम यहां हो रहा है। वार्षिकोत्सव 13 दिसम्बर से शुरू हुआ था। आयोजन में बड़ी संख्या में आर्ष गुरुकुल से जुड़े लोग शामिल हुए।


