भास्कर न्यूज | बेमेतरा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास निर्माण में गंभीर लापरवाही बरतने व प्राप्त शासकीय राशि का दुरुपयोग करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जपं बेमेतरा अंतर्गत ऐसे हितग्राहियों से राशि वसूली के लिए प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वित्तीय वर्ष 2016-23 के दौरान पीएम आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत स्वीकृत ऐसे आवास, जिनके हितग्राहियों ने राशि प्राप्त करने के पश्चात आवास निर्माण में रुचि नहीं ली व राशि का दुरुपयोग किया। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। जपं बेमेतरा के कुल 84 हितग्राहियों से राशि वसूली के लिए एसडीएम (राजस्व), बेमेतरा को प्रकरण दर्ज करने संबंधी पत्र भेजा गया है। इसमें ग्राम आंदू, बाबामोहतरा, बहेरा (कु), बालसमुंद, बाराडेरा, बसनी, बेरा, भंसुली, भोईनाभाटा, बिलाई, चंदनु, दाढ़ी, फरी, गांगपुर (छिरहा), बाबा घटोली, हेमावन्द, जिया, जॉन्ग, करमतरा, केशतर, केवांछि, खैरझिटी, खाम्ही, खम्हरिया, खंडसरा, मरका, मउ, मुनरबोड, नवागांव (खु), नवागांव कला, निनवा, पचभैया, पौसरी, पेंड्रीतराई, पीपरभट्टा, सेमरिया, सिरवाबांधा व उसलापुर शामिल हैं। इन गांव से कुल 84 हितग्राही चिन्हित किए गए हैं, जिनसे शासकीय राशि की वसूली की जाएगी। लंबित आवास पर भी होगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-26 में स्वीकृत ऐसे आवास, जिनका निर्माण 6 माह से अधिक समय से लंबित है, उनके हितग्राहियों के खिलाफ राशि वसूली के प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। संबंधित हितग्राहियों को समय रहते आवास निर्माण पूर्ण करने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। पीएम आवास योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, न कि शासकीय राशि का दुरुपयोग। योजना की गरिमा बनाए रखने व लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए लापरवाही बरतने वाले हितग्राहियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


