उदयपुर जिले में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान कई मौजूदा मतदाताओं के नाम कटने की शिकायतें सामने आ रही हैं। खासकर मावली विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं हैरानी की बात यह है कि आवेदनकर्ता अंगूठा लगाते हैं,लेकिन आवेदन फॉर्म पर उनके हस्ताक्षर किए गए हैं। आवेदकों ने इन हस्ताक्षरों को फर्जी बताया है। वहीं, उदयपुर में एक रिटायर्ड RAS अधिकारी के नाम कटने का आवेदन आने पर उन्होंने भी गुस्सा जताया है। सबसे पहले मावली विधानसभा में ऐसे कटे नाम सबसे पहले मावली विधानसभा क्षेत्र में ऐसे मामले उजागर हुए। मावली विधानसभा क्षेत्र के पलाना खुर्द गांव में कई मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरे गए, जबकि ये मतदाता अभी भी इसी गांव में रहते हैं।मतदाताओं का कहना है कि हमने ऐसा कोई आवेदन नहीं किया। बता दें, इन फॉर्मों की लिखावट एक जैसी है। मामला तब पकड़ में आया जब बीएलओ फॉर्म-7 की जांच के लिए गांव पहुंचे और नाम हटाने के बारे में पूछा, तो प्रभावित ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने तो कोई आवेदन नहीं किया और फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। गांव के बंशीलाल भील ने बताया कि बीएलओ का फोन आया कि उनके नाम हटाने का जांच फॉर्म आया है। जब वे बीएलओ के पास गए, तो पता चला कि उनके परिवार के सभी पांच सदस्यों को पलायन का हवाला देकर फॉर्म भरे गए थे और उन पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। उप सरपंच प्रकाश डांगी ने कहा कि बंशीलाल का फोन आने के बाद वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि 250 से ज्यादा नाम हटाने के फॉर्म जांच के लिए आए हैं, जिनमें उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी शामिल थे। उन्होंने 40 फॉर्मों की फोटो लेकर मावली SDM रमेश सीरवी को भेजी। SDM ने जांच कराने और किसी का नाम न काटने का आश्वासन दिया। उप सरपंच ने जोर दिया कि नाम कटने से पहले यह साफ होना चाहिए कि फॉर्म किसने भरे और फर्जी हस्ताक्षर किसके हैं। सरपंच पति सुरेश भील ने भी आरोप लगाया कि फॉर्मों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनमें उनके पिता और भाई के नाम वाले फॉर्म भी शामिल हैं। कांग्रेस से जुड़े पंचायत समिति सदस्य सोहनलाल भील ने बताया कि नाम हटाने के फॉर्म में उनका और परिवार के सदस्यों का नाम था, लेकिन उन फॉर्मों पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं थे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कुछ फॉर्मों पर अंग्रेजी में हस्ताक्षर थे, जबकि संबंधित मतदाता अंगूठा लगाते हैं। सुपरवाइजर पुरुषोत्तम कहते हैं कि फॉर्म SDM कार्यालय से आए थे। बीएलओ को पार्ट नंबर के हिसाब से दे दिए थे, उन्होंने जांच करने के बाद फॉर्म हमें दिए और फिर हमने SDM कार्यालय में जमा करा दिए। इधर, मावली के कांग्रेस विधायक पुष्करलाल डांगी ने कहा कि यह जिसने भी किया उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। इस मामले में मावली के SDM रमेश सिरवी ने कहा है कि प्रकरण की जांच की जा रही है। उदयपुर में रिटायर्ड आरएएस ने भी विरोध दर्ज कराया
इधर, उदयपुर शहर में पूर्व अतिरिक्त संभागीय आयुक्त और रिटायर्ड RAS अधिकारी शहर के देवाली निवासी अहसान अहमद छीपा, उनकी पत्नी और बहू के नाम कटाने का आवेदन होने पर उन्होंने आक्रोश जताया और शिकायत की। छीपा ने शहर विधायक ताराचंद जैन से लेकर उपजिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम सिटी जितेन्द्र ओझा से फोन पर बातचीत कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। छीपा ने कहा कि ऐसे कैसे कोई किसी का नाम कटवा सकता है। इनपुट, वीडियो सहयोग : लिलेश सुंयल पलाना कलां — ये खबर भी पढ़ें गहलोत बोले- BLO पर कांग्रेस का वोट काटने का दबाव:अलवर में SIR पर अचानक हजारों आपत्तियां आईं, कांग्रेस नेता भड़के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज करवाने के आखिरी दिन बीजेपी पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए तंज कसा। गहलोत ने एक्स पर लिखा- आज का दिन राजस्थान में लोकतंत्र के लिए एक काले अध्याय जैसा है, जिसने भाजपा को बेनकाब कर दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)


