भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर बारनवापारा अभयारण्य से कोरिया जिला स्थित गुरु घासी दास टाइगर रिजर्व में दो बायसन को लाया गया था, जिनमें से एक मादा बायसन की मौत हो गई थी। भारत सरकार के पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सहमति के बाद बारनवापारा से 40 बायसन को ट्रांस लोकेट करने प्रक्रिया चल रही थी। 25 जनवरी को दो बायसन को ट्रेंक्यूलाइज कर रेस्क्यू वाहन से कोरिया जिला नेशनल पार्क में लाया था। इनमें से 2-3 साल की मादा बायसन को सुरक्षित वाहन में रखा था, जबकि दूसरा बायसन जंगल चला गया था, जिसे स्वस्थ बताया जा रहा है पर मादा बायसन की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। बारनवापारा अभयारण्य के वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने ट्रैक्विलाइजेशन के लिए जिस दवा का उपयोग किया था, वह एक्टिवान डाईप्रेनोरपाइन एचसीएल मार्च 2024 में एक्सपायर हो चुकी थी, जिसका बैच नंबर 12304 बताया गया है। इसका उपयोग बायसन को ट्रेंक्यूलाइज करने किया था। अब मादा बायसन की मौत के मामले में डॉक्टर की लापरवाही उजागर होने के बाद नोटिस देकर जवाब तलब करने के अलावा बारनवापारा वन विभाग अन्य कार्रवाई कर रहा है।टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर सौरभ सिंह ठाकुर ने बताया कि बायसन को ट्रेंक्यूलाइज कर बारनवापारा से यहां लाया था। यहां हमारे द्वारा बायसन को रिसीव किया था। बायसन की मौत का कारण एक्सपायरी डेट की दवा का डोज था या कुछ और, जानकारी मिलने पर बताया जाएगा।


