महासमुंद| एनएचएम कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मिले आश्वासन के 5 महीने बीत जाने के बाद भी मांगों के पूरा न होने से आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मचारी अब आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा घेराव की तैयारी कर रहे हैं। एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राम गोपाल खूंटे ने बताया कि कर्मचारियों की 6 प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं। स्वास्थ्य मंत्री के सार्वजनिक घोषणा किए जाने के बावजूद फाइलें प्रशासनिक स्तर पर अटकी हुई हैं। मांगों में नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर ग्रेड पे प्रदान करना। स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलना। सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को नौकरी का प्रावधान। पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी लागू करना और एचआर पॉलिसी में सुधार सहित वेतन खाते के माध्यम से बीमा का लाभ देना शामिल है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी, संरक्षक हेमंत सिन्हा और प्रवक्ता पूरन दास ने संयुक्त बयान में कहा कि यदि समय रहते मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो प्रदेश के लगभग 17,500 एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। महासमुंद जिले में आंदोलन को सफल बनाने के लिए जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मेन्द्र सिंहा, परमेश्वर सेन, मनीष भारद्वाज, सुरेंद्र चंद्राकर, डॉ. देवेंद्र साहू सहित अन्य पदाधिकारियों ने कमर कस ली है।


