भास्कर न्यूज | सिमडेगा आदि कर्मयोगी अभियान (रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम) के तहत बीरू पंचायत भवन में आदि सेवा केंद्र का शुभारंभ जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव बृजनंदन प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की, नजारा उप समाहर्ता-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर रेनियर खालखो, डीपीएम जेएसएलपीएस शांति मार्डी, पंचायत मुखिया गंगाधर लोहरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत जेएसएलपीएस की दीदियों द्वारा पुष्पगुच्छ व माला पहनाकर सचिव सहित अतिथियों के स्वागत से हुई। सचिव, अतिथियों और ग्रामीणों ने जमीन पर बैठकर विलेज डेवलपमेंट प्लान (ग्राम विकास योजना) पर विस्तृत चर्चा की। ग्रामवासियों ने पंचायत क्षेत्र का नक्शा तैयार कर वर्तमान सुविधाओं और आवश्यकताओं का विवरण प्रस्तुत किया। इसमें आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पानी टंकी, पंचायत भवन, घर, मंदिर, नदी, तालाब, वन क्षेत्र, कृषि भूमि एवं सड़कें स्पष्ट रूप से दर्शाई गईं।बीरू पंचायत क्षेत्र की सभी टोलियों के लिए आगामी पांच वर्षों का विकास खाका प्रस्तुत किया गया। इसमें मुख्य रूप से आधारभूत संरचना, अस्थाई आजीविका व आर्थिक सशक्तिकरण तथा सामुदायिक प्रशासन से संबंधित बिंदु शामिल थे।आधारभूत संरचना में सभी गांवों तक पक्की सड़क की सुविधा, 24×7 बिजली आपूर्ति, जल निकासी हेतु नालियों का निर्माण, प्रत्येक मोहल्ले में सामुदायिक भवन, सभी घरों तक पेयजल आपूर्ति और शौचालय निर्माण को प्राथमिकता दी गई।अस्थाई आजीविका एवं आर्थिक सशक्तिकरण के तहत गांव की सभी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, प्रत्येक परिवार द्वारा कम से कम तीन प्रकार की खेती करने, सिंचाई हेतु ड्रिप व लिफ्ट इरिगेशन की सुविधा, कौशल-आधारित प्रशिक्षण द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर बाजार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की योजना रखी गई। इसका उद्देश्य पर्याप्त रोजगार व आजीविका उपलब्ध कराकर पलायन की समस्या को समाप्त करना है। वहीं सामुदायिक प्रशासन संबंधी प्रस्तावों में ग्रामीण सहभागिता से योजनाओं का क्रियान्वयन, पारंपरिक व्यवस्थाओं का संरक्षण, नशामुक्ति अभियान, खुले में शौच मुक्त ग्राम की घोषणा, शून्य ड्रॉपआउट गांव तथा मानव तस्करी पर रोक जैसे लक्ष्य तय किए गए।


