भीलवाड़ा | आसींद क्षेत्र पैंथरों की जन्मस्थली बन रहा है। कुछ दिनों पहले बामणी गांव में मादा पैंथर के दो शावकों के जन्म देने के बाद रविवार को बराना गांव में एक खेत पर पैंथर के दो शावक मिले। पैंथर ने खेत में चारे के लिए बनाए कच्चे घर में शावकों को जन्म दिया। सूचना पर क्षेत्र में दहशत और कौतूहल का माहौल बन गया है। शावक दो दिन के बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी है। ग्रामीण अपने स्तर पर ही शावकों की निगरानी कर रहे हैं। मादा पैंथर शावकों को जन्म देने के बाद जंगल की ओर चली गई। रात के समय वह वापस आई, लेकिन सुबह वापस चली गई। सुबह भैरूलाल जाट के खेत पर चारा रखने के लिए बनाए कच्चे मकान में पैंथर के दो शावक ग्रामीणों को दिखाई दिए।


