धनबाद स्थित हीरापुर का मास्टरपाड़ा इलाका। यहां आसपास न तो कोयले की खदान है और न कोई ज्वलनशील पदार्थ। इसके बावजूद घनी आबादी के बीच बने दो मंजिला एक मकान में पिछले चार दिनों से लगातार किसी कोने में आग लग रही है। पहली घटना 27 फरवरी को हुई थी। इसके बाद से रोज कहीं ने कहीं आग लगने की घटना हो रही है। इससे पूरा परिवार परेशान है, लेकिन आग कैसे लग रही है, इसका कोई पता नहीं चल पा रहा है। इस घर में अंशुमान चौधरी अपने पिता दिलीप चौधरी, मां कृष्णा चौधरी, पत्नी सुष्मिता चौधरी और बेटी श्रेया चौधरी के साथ रहते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत धनबाद डीसी से भी की है। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी की सुबह अटैची में आग लग गई। घर के लोगों ने इसे मामूली घटना समझा, लेकिन शाम में इन्वर्टर की बैटरी फटने से फिर अग लग गई। पूरा कमरा काला पड़ गया 28 फरवरी को घर बंद कर परिवार के लोग बाहर गए थे। लौटे तो मैट्रेस जल रहा था। कमरा धुएं से भरा था। पूरा कमरा काला पड़ गया था, लेकिन इसके अलावा और कुछ नहीं जला। इसके बाद कभी कपड़े, कभी कैलेंडर तो कभी अन्य सामानों में आग लग रही है। उन्होंने बताया कि पहले फर्श गर्म होता है, फिर किसी कोने में कुछ जलने लगता है। इस संबंध में उन्होंने डीसी को भी आवेदन दिया है। अंशुमान ने कहा कि आग लगने से पहले फर्श गर्म होता है। इससे अहसास हो जाता है कि कहीं आग लगेगी। अग्निशमन अधिकारी के सामने लगी आग
डीसी से शिकायत करने के बाद रविवार रात करीब 8:40 बजे अग्निशमन अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद घटना की जांच करने पहुंचे। वे जांच कर रही रहे थे कि उनके सामने कपड़े में अचानक आग लग गई। वे खुद कुछ समझ नहीं पाए। छानबीन की, लेकिन कोई कारण नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए वे आपदा प्रबंधन विभाग को लिखेंगे। जांच के बिना कुछ कहना संभव नहीं
आईआईटी-आईएसएम धनबाद के उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि संबंधित जगह की जांच किए बिना कुछ भी कहना संभव नहीं है। जमीन की सैंपलिंग करने के बाद उसकी जांच की जा सकती है। किसी सरकारी संस्था से प्रस्ताव मिला तो आईआईटी उस जगह की जांच कर सकता है।


