राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) राजस्थान शाखा का दो दिवसीय प्रादेशिक सम्मेलन और श्रमिक महापंचायत 3 व 4 जनवरी 2026 को ब्यावर में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन इंटक के संस्थापक अध्यक्ष और स्वतंत्रता सेनानी पंडित बृजमोहन लाल शर्मा की जन्मभूमि व कर्मभूमि ब्यावर में होगा। इस संबंध में इंटक के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली और प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी को प्रदेशभर से आने वाले प्रतिनिधियों का पंजीकरण होगा, जबकि 4 जनवरी को प्रादेशिक सम्मेलन के साथ संगठन के चुनाव की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इंटक कार्यकारिणी का कार्यकाल चार वर्ष का होता है। प्रदेश अध्यक्ष श्रीमाली ने बताया कि प्रदेश कार्यसमिति ने पंडित बृजमोहन लाल शर्मा की स्मृति में ब्यावर में श्रमिक महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह आयोजन उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस महापंचायत में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रमिक भाग लेंगे। सम्मेलन में संगठनात्मक मजबूती, श्रमिक हितों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों पर गहन मंथन किया जाएगा। प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड श्रमिक विरोधी हैं। उन्होंने बताया कि इस अधिवेशन में इन नीतियों पर गंभीर चर्चा कर श्रमिक हितों में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। इस दौरान अरावली पर्वतमाला संरक्षण के उद्देश्य से तैयार किए गए पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इंटक नेतृत्व ने अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाने का संकल्प दोहराते हुए आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन का भी भरोसा दिलाया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री नारायण गुर्जर, ब्यावर जिलाध्यक्ष बरकत अली कुरैशी, अंबुजा इंटक महामंत्री रंजीत सिंह, महामंत्री सलीम काठात, राजेश शर्मा, भुवनेश शर्मा और प्रमोद जैन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इंटक नेतृत्व ने बताया कि इस प्रादेशिक सम्मेलन और श्रमिक महापंचायत में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तथा पूर्व श्रम मंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के शामिल होने की संभावना है। इंटक नेताओं ने विश्वास जताया कि यह आयोजन श्रमिक अधिकारों की मजबूती, पर्यावरण संरक्षण तथा संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।


