इंटरनेशनल लाल चंदन तस्करी…..8.6 करोड़ की संपत्ति अटैच:सिंडिकेट के सरगना अब्दुल जाफर पर ED का एक्शन, रायपुर में छुपाई थी 11 मीट्रिक टन लकड़ियां

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लाल चंदन (रेड सैंडर्स) की तस्करी करने वाले इंटरनेशनल सिंडिकेट के सरगना अब्दुल जाफर की 8.6 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है। ED की जांच में पता चला कि अब्दुल जाफर ने साल 2016 में रायपुर के एक गोदाम में करीब 11 मीट्रिक टन वजन के 576 लाल चंदन के लट्ठे छिपाकर रखे थे। DRI नागपुर की टीम ने जांच के दौरान रायपुर के एक गोदाम से लाल चंदन की लकड़ियां जब्त की थी। इसके बाद ED ने नागपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट में आरोपी अब्दुल जाफर के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब्दुल जाफर फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और जेल में बंद है। ये है पूरा मामला नागपुर में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को सूचना मिली थी कि अब्दुल जाफर दुबई में लाल चंदन (रेड सैंडर्स) की तस्करी कर रहा है। इस जानकारी के आधार पर DRI ने कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान, 2 अक्टूबर 2016 को नागपुर में एक कंटेनर को रोका गया, जिसमें स्पंज आयरन के नीचे छिपाकर रखे गए 1,324 लाल चंदन के लट्ठे जब्त किए गए। इन लट्ठों का कुल वजन 14.055 मीट्रिक टन था। पूछताछ और तलाशी के दौरान, 4 अक्टूबर 2016 को रायपुर के एक गोदाम से 576 लाल चंदन के लट्ठे (11 मीट्रिक टन) जब्त किए गए। इसके बाद, 19 अक्टूबर 2016 को मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (न्हावा शेवा) पर एक और कंटेनर की जांच हुई, जिसमें 17.060 मीट्रिक टन लाल चंदन मिला। जांच में पता चला कि लाल चंदन को स्पंज आयरन के नाम पर छिपाकर दुबई भेजा जा रहा था। 13 बार में 159 टन लाल चंदन की तस्करी जांच में यह भी पता चला कि फरवरी 2016 से अक्टूबर 2016 के बीच इस सिंडिकेट ने 13 बार 159.110 मीट्रिक टन रेड सैंडर्स (लाल चंदन) की तस्करी की। इसकी कुल कीमत करीब 63.64 करोड़ रुपए आंकी गई। परिवहन करने वालों, मजदूरों और साथ देने वालों के बयान से खुलासा हुआ कि असली सामान की जगह कंटेनरों में लाल चंदन भरा जाता था, फिर कंटेनर को दोबारा सील कर दिया जाता था। इस पूरे मामले में अब्दुल जाफर मुख्य साजिशकर्ता निकला। कस्टम विभाग, नागपुर ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी से निर्यात, तस्करी की कोशिश और कस्टम एक्ट के उल्लंघन का केस दर्ज किया है। ED ने तस्करी के आरोपी के खिलाफ ECIR दर्ज किया DRI से मिले इनपुट्स के आधार पर 17 मार्च 2020 को ED ने अब्दुल जाफर और उसके साथियों के खिलाफ ECIR दर्ज किया। PMLA एक्ट के तहत हुई जांच में यह सामने आया कि अब्दुल जाफर एक पेशेवर अपराधी है और उसकी कमाई का मुख्य जरिया लाल चंदन की तस्करी रहा है। उसने और उसके साथियों ने फरवरी 2016 से अक्टूबर 2016 के बीच स्पंज आयरन के नाम पर 13 बार (कुल 159.110 मीट्रिक टन) लाल चंदन दुबई भेजा था। ये संपत्ति अटैच की ED की जांच में पता चला कि अब्दुल जाफर ने अपराध से कमाए पैसे से अपनी पत्नी, बच्चों, माता-पिता और करीबियों के नाम पर कई अचल संपत्तियां खरीदीं। इन संपत्तियों में चेन्नई में फ्लैट, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में जमीन, तमिलनाडु की अन्य महंगी रियल एस्टेट, कृषि भूमि और लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं। जांच में अब्दुल जाफर ने बताया कि संपत्ति खरीदने के लिए उन्होंने ऋण लिया, आभूषण बेचे, किराएदारों से एडवांस ली और रिश्तेदारों से मदद ली, लेकिन ये सब साबित करने वाले कागजात नहीं दिखा सके। इस वजह से ED ने उनकी ये प्रॉपर्टी अटैच कर ली। इसके बाद 18 जुलाई को नागपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट में अब्दुल जाफर और उनकी कंपनी M/s A.F. Enterprises के खिलाफ PMLA कानून की धारा 44 और 45 के तहत केस दर्ज किया गया है। कॉल डिटेल से हुआ खुलासा जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चला कि अब्दुल जाफर लगातार राजेश सुब्रमण्यम, पन्नालाल मीना, राजेंद्रन और सेंटिल से बात करते रहते थे, जो सीधे रेड सैंडर्स की तस्करी में शामिल थे। उनके मोबाइल से रेड सैंडर्स की लकड़ी की तस्वीरें और वजन के कागजात भी मिले। उनके पुराने बयान और धारा 108 के तहत दिए गए कथन भी इस बात को साबित करते हैं कि उन्होंने इस तस्करी के सिंडिकेट को चलाने, पैसे देने और निर्देश देने में अहम भूमिका निभाई।

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