इंडिगो फ्लाइट की मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग:दिल्ली से गोवा जा रही थी; एयरलाइन कंपनी बोली- टेकऑफ के समय तकनीकी खराबी का पता चला

दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो फ्लाइट नंबर 6E 6271 की बुधवार रात 9:53 बजे मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि फ्लाइट का इंजन हवा में ही फेल हो गया था। विमान में 191 लोग सवार थे। हालांकि, इंडिगो की तरफ से इंजन फेल होने की पुष्टि नहीं की गई है। एयरलाइन कंपनी ने बयान जारी कर बताया कि दिल्ली से उड़ान भरते समय फ्लाइट में तकनीकी खराबी का पता चला। प्रोटोकॉल के तहत, विमान को डायवर्ट कर मुंबई एयरपोर्ट पर उतारा गया। इंडिगो ने कहा कि ऑपरेशन फिर से चालू करने से पहले विमान की जरूरी जांच की जाएगी। दिल्ली से गोवा जाने वाले फ्लाइट पैसेंजर्स के लिए एक दूसरे विमान की व्यवस्था की गई है, जो उन्हें मुंबई से गोवा पहुंचाएगी। फ्लाइट ट्रैकर्स के मुताबिक, इंडिगो फ्लाइट ने अपने तय समय से आधे घंटे लेट, रात करीब 8 बजे दिल्ली से गोवा के लिए उड़ान भरी थी। गोवा पहुंचने से पहले ही करीब 10 बजे मुंबई में फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। पटना में रनवे टच करके दोबारा उड़ा इंडिगो विमान इससे पहले मंगलवार को दिल्ली से पटना पहुंची इंडिगो की फ्लाइट 6E2482 लैंडिंग के दौरान रनवे टच करने के बाद दाेबारा उड़ गई। फिर, तीन-चार चक्कर लगाने के बाद फ्लाइट ने 5 मिनट बाद दाेबारा लैंडिंग की। इस दाैरान 173 यात्रियों की सांसें अटकी रहीं। सूत्रों के अनुसार मंगलवार की रात करीब 9 बजे दिल्ली से पटना आने के बाद पायलट ने विमान की लैंडिंग कराई। हालांकि विमान टचिंग पॉइंट को थोड़ा ओवरशूट कर गया था। यानी वह रनवे पर लैंडिंग के लिए तय पॉइंट को पार कर गया था। पटना एयरपोर्ट का रनवे छोटा है। पायलट काे लगा कि रनवे पर विमान काे नहीं रोक पाएंगे ताे उसने दाेबारा विमान काे ऊपर उठा लिया। ऐसा हाेता देख यात्री परेशान हाे गए। पूरी खबर पढ़ें… अहमदाबाद प्लेन हादसे में 270 लोगों की मौत हुई थी
इससे पहले 12 जून को अहमदाबाद में लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट बोइंग AI-171 टेकऑफ के महज 32 सेकेंड के भीतर क्रैश हो गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई को हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की। इसमें बताया गया कि एअर इंडिया का विमान दोनों इंजन फेल होने के कारण क्रैश हुआ था। पायलट कोशिश के बाद क्रैश से नहीं बचा पाए रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले विमान में दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद थे, जिसके बाद पायलटों ने इसे चालू किया और दोनों इंजन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन विमान बहुत कम ऊंचाई पर था, इसलिए इंजनों को दोबारा ताकत पाने का समय नहीं मिल सका और विमान क्रैश हो गया। हालांकि ये सामने नहीं आया है कि फ्यूल स्विच बंद कैसे हुए थे। 15 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ से लेकर हादसे तक की पूरी उड़ान करीब 30 सेकेंड ही चली। इस समय तक रिपोर्ट में Boeing 787-8 विमान और GE GEnx-1B इंजन को लेकर किसी ऑपरेटर के लिए कोई चेतावनी या कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है। साथ ही रिपोर्ट में मौसम, बर्ड-हिट और सबोटाज जैसे किसी भी कारण का जिक्र नहीं है। जांच में क्या सामने आया, सवाल-जवाब फॉर्मेट में जानिए… सवाल: हवा में क्या हुआ था? जवाब: रिपोर्ट में बताया गया कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड बाद दोनों इंजन हवा में ही बंद हो गए – ईंधन कटऑफ स्विच एक के बाद एक केवल एक सेकेंड में RUN (चालू इंजन) से CUTOFF (बंद इंजन) में बदल गए। इंजनों को ईंधन की आपूर्ति मिलना बंद हो गई थी।
सवाल: पायलटों ने क्या बातचीत की?
जवाब: कॉकपिट ऑडियो भी सामने आया है जिसमें एक पायलट ने पूछा, “आपने क्यों बंद (इंजन) किया?” दूसरे ने उत्तर दिया, “मैंने नहीं किया।” सवाल: क्या इंजन दोबारा चालू करने की कोशिश हुई?
जवाब: पायलटों ने इंजन को फिर से चालू करने का प्रयास किया। N1 या इंजन 1 कुछ हद तक चालू हो गया, लेकिन इंजन 2 क्रैश होने से पहले स्टार्ट नहीं हो सका। विमान केवल 32 सेकेंड के लिए हवा में रहा था। सवाल: क्या फ्यूल में कोई दिक्कत थी?
जवाब: फ्यूल टेस्टिंग में पाया गया कि ईंधन में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। थ्रस्ट लीवर पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन ब्लैक बॉक्स से पता चला है कि टेकऑफ थ्रस्ट उस वक्त चालू था, जो डिस्कनेक्ट होने का संकेत देता है। थ्रस्ट लीवर के जरिए विमान के इंजन की ताकत को कंट्रोल किया जाता है। सवाल: क्या बर्ड हिटिंग की कोई समस्या थी?
जवाब: फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री) और गियर (नीचे) उड़ान भरने के लिए सामान्य थे। बर्ड हिटिंग संबंधी कोई समस्या नहीं थी। सवाल: हादसे के वक्त मौसम कैसा था?
जवाब: आसमान पूरी तरह साफ था। विजिबिलिटी भी ठीक थी। आंधी-तूफान जैसी भी कोई स्थिति नहीं थी। सवाल: क्या पायलट मेडिकली फिट थे?
जवाब: दोनों पायलट मेडिकली फिट थे। उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थीं। पायलट इन कमांड के पास 15 हजार घंटे और को-पायलट के पास 3400 घंटे उड़ान का अनुभव था। सवाल: जांच में विमान कंपनी के लिए कोई एडवाइजरी जारी की गई?
जवाब: रिपोर्ट में कहा गया कि यह प्रारंभिक जांच है, अभी यह जारी है। फिलहाल बोइंग विमान कंपनी या इंजन बनाने वाली जनरल इलेक्ट्रिक (GE) को कोई एडवाइजरी जारी नहीं की जा रही है। APAI ने कहा- पायलट्स की बातचीत से किसी निष्कर्ष पर न पहुंचे एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (APAI) ने एजेंसी PTI को लेटर लिखा है। इसमें कहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच रिपोर्ट से लग रहा है कि क्रैश में पायलट्स की गलती है। हम इस बात को पूरी तरह से खारिज करते हैं। हम निष्पक्ष और सबूत आधारित जांच की मांग करते हैं। APAI ने कहा- ​​​​​जांच ​​रिपोर्ट बिना किसी जिम्मेदार अधिकारी के साइन और जानकारी के मीडिया में लीक कर दी गई। जांच में पारदर्शिता की कमी है। जांच की विश्वसनीयता पर सवाल है। जनता का विश्वास कम हो रहा है। योग्य, अनुभवी कर्मचारियों विशेषकर लाइन पायलटों को अभी भी जांच टीम में शामिल नहीं किया जा रहा है। फ्यूल स्विच का काम और तकनीक फ्यूल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (‘रन’ पोजिशन) या बंद करना (‘कटऑफ’ पोजिशन) है। हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग 787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे – एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए। रन पोजिशन: जब स्विच ‘रन’ पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है। कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को ‘कटऑफ’ पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है। फ्यूल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए – पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना, और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए। पढ़ें पूरी खबर… क्रैश साइट की तस्वीर… बोइंग बोला- जांच एजेंसियों का सहयोग कर रहे
बोइंग ने रिपोर्ट आने के बाद अपने बयान में कहा, ‘हमारी संवेदनाएं एअर इंडिया फ्लाइट 171 के यात्रियों, क्रू मेंबर्स और अहमदाबाद में प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं। हम जांच एजेंसियों और अपने कस्टमर के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।’ यह बयान AAIB की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद आया है। पायलट ने मेडे कॉल किया था
विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद आया था। विमान ने 12 जून की दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के बाद विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मेडे कॉल (इमरजेंसी मैसेज) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। फ्यूल स्विच क्यों है इतना अहम?
ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजनों में रन और कटऑफ नाम के दो पोजिशन होते हैं। अगर विमान हवा में है और स्विच कटऑफ पर चला जाए तो इंजन को फ्यूल मिलना बंद हो जाता है, जिससे ताकत (थ्रस्ट) खत्म हो जाती है और बिजली सप्लाई भी रुक सकती है, जिससे कॉकपिट के कई उपकरण भी बंद हो सकते हैं। ——————————- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया ने 4 कर्मचारियों से इस्तीफा मांगा, अहमदाबाद प्लेन क्रैश के 8 दिन बाद मनाया था जश्न एअर इंडिया ने अपने ग्राउंड हैंडलिंग वेंचर AISATS के 4 कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए कहा है। ये कार्रवाई इनकी एक पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद की गई। इन कर्मचारियों ने अहमदाबाद प्लेन हादसे के 8 दिन बाद यह पार्टी की थी। पूरी खबर देखें…

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