इंदौर की घटना बाद जागा हरदा प्रशासन:जल वितरण के चैंबरों की सफाई शुरू की, नालियों के पास से पाइपलाइन हटाने में खर्च करेगी 48 लाख

हरदा प्रशासन ने जल वितरण व्यवस्था के चैंबर की सफाई शुरू कर दी है। इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद हरदा नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हो गया है। शहर में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए जल वितरण व्यवस्था के चैंबरों और पानी की टंकियों की सफाई का अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए नालियों से गुजरने वाली जगहों पर पाइपलाइन को हटाया जाएगा। चैंबरों के आस पास से झाड़ियों को हटाया जाएगा
नगर पालिका की जलप्रदाय, पार्क, पीडब्ल्यूडी और सफाई शाखाओं के 50 से अधिक कर्मचारियों ने शनिवार से खेड़ीपुरा, सिविल लाइन सहित विभिन्न क्षेत्रों में चैंबरों की सफाई की। इसके अतिरिक्त, पानी की टंकियों के आसपास उगी झाड़ियों को भी हटाया गया। सीएमओ कमलेश पाटीदार ने बताया कि प्रथम चरण में शहर के मुख्य जल वितरण स्थलों, टंकियों और सम्पवेल की सफाई की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नगर पालिका परिषद ने 48 लाख रुपये का एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसके तहत नालियों से गुजर रही पाइपलाइनों को हटाया जाएगा ताकि पानी दूषित न हो। कुएं, हैंडपंप, बोरिंग से लिए जाएंगे सैंपल
इस बीच, जिले में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने सभी एसडीएम को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि नगर पालिका क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति करने वाले सभी ट्यूबवेल और बोरिंग से तत्काल जल-नमूने संग्रहित किए जाएं। इन नमूनों को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, एफएसएस एआई या अन्य मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को सीएमओ के साथ मिलकर गंदे पानी से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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