प्रयागराज कुम्भ में शहर को सजाने- संवारने में इंदौर की अहम भूमिका रही। यहां के कलाकार महेंद्र कोडवानी और उनकी टीम ने सिर्फ तीन महीने के अल्प समय में शहर में 18 महापुरुषों की प्रतिमाएं तैयार कर स्थापित कर दी। दीवारों और सार्वजनिक स्थानों पर 1.50 लाख वर्गफीट में पेंटिंग कर अलग-अलग कलाकृतियां उभारी। सभी मंदिरों में म्यूरल बनाए। इस काम के लिए कोडवानी इंदौर से 30 से 35 लोगों को ले गए थे, लेकिन जब वहां प्रोजेक्ट समझा और समयसीमा देखी तो हैरत में पड़ गए। तब उप्र सरकार ने भी उन्हें टीम उपलब्ध करवाई। कोडवानी बताते हैं, 1200 लोगों ने 24 घंटे शिफ्ट में काम किया। एक टीम ने प्रतिमाएं, दूसरी ने वॉल पेंटिंग और तीसरी ने म्यूरल बनाए। ये काम किए हैं टीम इंदौर ने… अटैक आया, लेकिन काम नहीं रुका…
नवंबर में जब काम का अंतिम दौर था, तब कोडवानी को हार्ट अटैक आ गया। इस बड़ी चुनौती में लीडर के बीमार र होने होने के बावजूद काम नहीं रुका। पूरी टीम लगी रही, इधर परिवार कोडवानी को लेकर इंदौर आया। उनके पिता किशोर कोडवानी ने कुछ दिन काम देखा। कोडवानी तबीयत ठीक होने पर फिर प्रयागराज पहुंचे और काम पूरा किया। अब अगले हफ्ते उनकी बायपास सर्जरी होना है।


