इंदौर के केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 में आयोजन:दादा-दादी और नाना-नानी दिवस पर बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, इंदौर में 17 दिसंबर को दादा-दादी और नाना-नानी दिवस का आयोजन किया गया। यह आयोजन बच्चों के जीवन में बुजुर्गों के महत्व को रेखांकित करने और बदलते सामाजिक परिवेश में संयुक्त परिवार की संस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य सुधीर वाजपेयी ने स्वागत भाषण के साथ बुजुर्गों की महत्व पर प्रकाश डालते हुए, छात्रों के नैतिक और सामाजिक विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि जय गोपाल रहेला, दुर्गा प्रसाद मिश्रा, पूर्व प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय और आरती वाजपेयी ने दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। “बदलते दौर के रंग, दादा-दादी के संग” विषय से संबंधित कार्यक्रम का प्रारंभ सरस्वती वंदना और नृत्य छोटे बच्चों द्वारा गीत जिसके बोल थे “वेलकम दादा दादी” जो कि नृत्य से हुआ। कार्यक्रम में चार अलग-अलग कालखंडों 1960 से 2024 तक को नृत्य-नाटिकाओं के माध्यम से जीवंत रूप के साथ ही बाल मन की अनेक संवेदनाओं को एक थीम नृत्य के द्वारा प्रस्तुत किया गया। कक्षा पहली के गग्नेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर खूबसूरत राजस्थानी नॄत्य पेश किया। 1960-75 के समूह नृत्य ने दादा-दादी को अपने युवावस्था की यादों में लौटा दिया, जबकि 1975-90 और 1990-2005 की प्रस्तुतियों ने उस समय के सांस्कृतिक और सामाजिक बदलावों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया। 2005-2024 की आधुनिक प्रस्तुति ने वर्तमान समय की तकनीकी प्रगति और नए युग की झलक पेश की। हिंदी ओलंपियाड में स्वर्ण पदक पाने वाले पांच विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *