दुनिया की समीक्षा और विश्लेषण तो हमने बहुत किया लेकिन कभी अपना अंतर विश्लेषण भी करना। यदि आपकी आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया होगा तो क्या आप समझदार कहलाओगे? यह धन-संपत्ति, अच्छा परिवार, अच्छा कुल, पुण्य के संयोग से मिला है, वर्तमान में जो आपका स्टेटस दिख रहा है वह पुण्य का फल है। यदि आप उसमें वृद्धि न करते हुए उसे भोगते ही रहोगे तो एक दिन आप दीवालिया हो जाओगे। मुनिश्री प्रमाणसागरजी महाराज ने पलासिया स्थित दि. जैन मंदिर प्रांगण में सुबह की धर्म सभा में यह बात कही। अपने पुण्यों को समाप्त मत होने दीजिए मुनिश्री ने कहा कि आप सभी लोग अपनी अपनी बैलेंस शीट को चैक कीजिए और देखिए कि आप उसमें ग्रोथ कर रहे हो या वह नीचे जा रही है? उन्होंने एक कुशल किसान का उदाहरण देते हुए कहा कि वह सबसे पहले खेत में बोए जाने बाले बीज को सुरक्षित रखता है। उसके पश्चात ही वह अपनी फसल को बेचता है तथा भोग उपभोग की सामग्री खरीदता है। जो किसान भोग उपभोग के लिए बीज को ही समाप्त कर देता है तो उसे दुर्दिन को भोगना पड़ता है। मुनिश्री ने कहा कि पुण्य बढ़ाने के लिए श्रावकों को दान, पूजा, शील, संयम और उपवास करने का विधान है। कितने लोग हैं जो यह कार्य नियम से करते हैं और अपने पुण्य को बढ़ाते हैं, यह अंतर विश्लेषण किसी और को नहीं करना है आपको खुद करना है। जब आप अपना अंतर विश्लेषण करोगे तो आपके अंदर का द्वन्द्व समाप्त होकर आनंद छा जाएगा। इस अवसर पर मुनि निर्वेग सागरजी महाराज, मुनि संधान सागरजी महाराज सहित समस्त क्षुल्लक महाराज उपस्थित थे। नए छात्रावास का शिलान्यास 26 दिसंबर को प्रचार प्रमुख राहुल जैन स्पोर्ट्स और प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया कि सांयकाल शंका समाधान 5:45 से उदासीन आश्रम में होकर रात्रि विश्राम यहीं पर हुआ। 26 दिसंबर को नसिया में सर सेठ हुकमचंद जैन कासलीवाल परिवार द्वारा सौ छात्रों के छात्रावास का शिलान्यास किया जाएगा। नए वर्ष 2025 के उदय में तीन दिवसीय कार्यक्रम मुनिसंघ के सानिध्य में गोम्मटगिरि में 30-31दिसंबर को भावना योग का विशेष कार्यक्रम सिर्फ युवाओं के लिए रहेगा। 1 जनवरी 2025 को भावना योग एवं भगवान बाहुबली स्वामी का महामस्तकाभिषेक सभी के लिए रखा गया है। 8 से 9 बजे तक भावना योग और फिर भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक होगा।


