इंदौर के प्रतिष्ठित यशवंत क्लब का विवाद अब बढ़ता जा रहा है और कानूनी मोड़ ले चुका है। क्लब के पूर्व चेयरमैन परमजीत सिंह छाबड़ा ने कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव के खिलाफ तुकोगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। उनका आरोप है कि यादव ने क्लब की छवि धूमिल करने के लिए अनैतिक गतिविधियों के झूठे आरोप लगाए। यादव ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने इस विवाद को और बड़ा रूप देते हुए डीजीपी, पुलिस कमिश्नर, प्रमुख सचिव और कलेक्टर को शिकायत देकर यशवंत क्लब में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि क्लब के अध्यक्ष, सचिव और पूर्व अध्यक्ष को जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। यादव ने आरोप लगाया था कि यशवंत क्लब अब शराबी, जुआरी, सटोरिए और भूमाफियाओं का अड्डा बन गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर मांग की कि क्लब को खेल विभाग के अंतर्गत लिया जाए और फर्म एवं सोसाइटी से इसका पंजीकरण समाप्त किया जाए। यादव ने क्रिकेट ग्राउंड को आईडीसीए (इंदौर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन) को सौंपने की भी सिफारिश की। क्लब प्रशासन का जवाब यशवंत क्लब के सचिव संजय गोरानी और पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह छाबड़ा उर्फ पम्मी ने यादव के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यादव की सस्ती लोकप्रियता और घटिया राजनीति के कारण वे इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। परमजीत सिंह ने कहा, “यशवंत क्लब मेरा संयुक्त परिवार है, यहां जाति या भेदभाव नहीं देखा जाता।” मीडिया पर भी उठाए थे सवाल यादव ने मीडिया पर भी आरोप लगाए थे कि उनके खिलाफ अफवाहों के आधार पर मानहानि की खबरें चलाई गईं, लेकिन अब सही खबरें छापने से बचा जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “डरो मत, संविधान पढ़ो, निष्पक्ष रहो।” अब पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों पर जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


