इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है। जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू किया है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज दूसरे एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 64, जहां से पार्षद हैं मनीष शर्मा, जिन्हें लोग मामा के नाम से भी जानते हैं। क्या काम पूरे हुए?, क्या बाकी हैं? और जनता 10 में से कितने नंबर देती है? आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब। वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद मनीष शर्मा ‘मामा’ ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में छोटी-छोटी मूलभूत समस्या हैं। जैसे कि पानी नही आता, ड्रेनेज की समस्या है, किसी की पेंशन नहीं शुरू हुई। पढ़िए, MIC सदस्य और पार्षद मनीष शर्मा ‘मामा’ की दैनिक भास्कर से सीधी बातचीत… सवाल- आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही है? जवाब- हमारे वार्ड में सबसे बड़ी उपलब्धि जो होगी, वह एक 30 लाख लीटर की पानी की टंकी का निर्माण हो रहा है, जिससे 25 हजार परिवारों को पानी मिलेगा। दूसरा हमारा मुक्तिधाम है, जिसका विकास कार्य तेजी से चल रहा है, यह दो हमारी सबसे बड़ी इस वार्ड की उपलब्धि होगी। मुक्तिधाम और पानी की टंकी। सवाल- कौन सा काम अधूरा है? और किस कारण से ? जवाब- जहां तक मेरी जानकारी में है कि सभी काम हमारे होने वाले हैं, कोई भी काम अधूरा नहीं रहेगा। इस वार्ड में जितनी हमने घोषणाएं की है, वो लगभग 90% काम कर दी है और 10%, जो काम अभी होने वाले हैं, वो हमारे कार्य पूर्ण हो जाएंगे। हमारे वार्ड में कोई भी काम बचेगा नहीं। सवाल- जनता की सबसे बड़ी समस्या क्या है? क्या समस्या लेकर जनता आपके पास आती है? जवाब- वार्ड में ज्यादा से ज्यादा हम यह चाहते हैं कि कोई भी समस्या बाकी नहीं रहे, लेकिन छोटी छोटी, जो मूलभूत समस्या होती हैं, जैसे कई महिलाएं, हमारे यहां आती हैं। हमारे वार्ड के बस्ती क्षेत्रों में गरीब परिवारों की संख्या अधिक है। वहां से कई महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर आती हैं, कहीं पेंशन रुक जाती है, कहीं राशन कार्ड से जुड़ी परेशानी होती है। आपने अपने वार्ड में क्या-क्या नए प्रयोग किए हैं और उनसे किस प्रकार के बदलाव हुए हैं? जवाब- जैसा कि आपने पहले के समय में नौलक्खा चौराहा देखा होगा, आज उसका परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। नौलक्खा चौराहे पर कुछ स्थानों पर अतिक्रमण और मंदिर थे, जिन्हें हटवाकर हमने चौराहे का चौड़ीकरण करवाया। अब यदि आप जुपिटर की सड़क पर जाएंगे, तो देखेंगे कि पहले वहां बहुत संकरी सड़क हुआ करती थी, जबकि उसी रास्ते से बड़े-बड़े ट्रक और बसें निकलती थीं। आज वहां सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। वहां भी चौड़ीकरण के दौरान मंदिर या अन्य संरचनाएं हटाने में स्थानीय लोगों ने पूरा सहयोग दिया और हमारे साथ खड़े रहे। सवाल- आपने अपने वार्ड में विकास और जनजागरूकता के लिए कौन-कौन से प्रयोग किए? जवाब- वार्ड में हमने कई गार्डनों का विकास किया है। बस्ती क्षेत्रों में जहां पहले गार्डन नहीं थे, वहां नए पार्क विकसित किए गए। इसके साथ ही नौलक्खा चौराहे के सौंदर्यीकरण का काम कराया और तीन इमली चौराहे का सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। इस तरह के नए प्रयोगों से लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला है। इन योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए मैंने गीतों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया। मैंने स्वयं भिखारी, सब्जी विक्रेता जैसे किरदार निभाकर योजनाओं का संदेश लोगों तक पहुंचाया और इन प्रयासों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया। सवाल: आपके वार्ड में ऐसे कौन-से इलाके हैं, जहां अभी तक विकास कार्य नहीं हो पाया है और जो आपकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं? जवाब- वार्ड में अब तक लगभग 60 करोड़ रुपए से अधिक के विकास काम हम पिछले तीन सालों में पूरे कर चुके हैं। कुछ कॉलोनियां और बस्तियां ऐसी रह गई हैं, जहां अभी काम नहीं हो पाए हैं। कई स्थानों पर हमने ड्रेनेज लाइन डाल दी है, लेकिन सड़क निर्माण का काम बाकी है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में पानी की लाइन बिछा दी गई है, जबकि कुछ जगहों पर बोरिंग का काम अभी बाकी है। वार्ड में ऐसे कुछ छोटे-छोटे विकास काम रह गए हैं, जिन्हें हम अगले डेढ़ से दो सालों में पूरा कर लेंगे। सवाल: क्या आपके वार्ड में पानी से जुड़ी समस्याएं भी हैं? जवाब- करीब 12–13 सालों से भेषवरी स्वीट्स के सामने स्थित शिव मूर्ति नगर, मंगल मूर्ति नगर और मंगल धाम क्षेत्रों में गंदा पानी आने की समस्या बनी हुई थी। उस समय हमारे उपायुक्त अभिलाष मिश्रा के साथ हम स्वयं 1200 एमएम की पाइपलाइन में उतरे और लीकेज की पहचान की। लीकेज बंद होते ही वहां गंदे पानी की शिकायत समाप्त हो गई। हालांकि, आज भी कुछ स्थानों पर पानी या गंदे पानी से जुड़ी शिकायतें आती रहती हैं। हम उन क्षेत्रों में जाकर समस्या के स्थायी समाधान का प्रयास करते हैं। कुछ मोहल्लों और बस्ती क्षेत्रों में ऐसी दिक्कतें सामने आती हैं, जिन्हें जल्द से जल्द दूर करने की पूरी कोशिश की जाती है। सवाल: आने वाले छह महीनों में आपका रोडमैप क्या है? जवाब- हमने आदर्श वार्ड बनाने का जो संकल्प लिया है, हम लगभग उसके बहुत नजदीक पहुंच चुके हैं। जैसा कि मैंने पहले बताया, नौलक्खा चौराहे का सौंदर्यीकरण कराया जा चुका है और उसी तर्ज पर तीन इमली चौराहे का सौंदर्यीकरण अब होने वाला है। इसके अलावा चितावत से आनंद नगर तक की सड़क को भी एक सुंदर और सुव्यवस्थित मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। जहां-जहां अभी विकास काम बाकी हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। जैसे कि आनंद नगर क्षेत्र में गार्डन का विकास किया गया है, वैसे ही आसपास की कॉलोनियों और बस्ती क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। हमारे वार्ड में लगभग 90 प्रतिशत सड़क और ड्रेनेज के काम पूरे हो चुके हैं। अब हमारा मुख्य फोकस वार्ड को सजाने और संवारने पर रहेगा। हमारा लक्ष्य है कि आदर्श और सुंदर वार्ड तैयार किया जाए। आने वाले समय में चौराहों का विकास किया जाएगा और जहां कहीं छोटी और संकरी सड़कें हैं, उन्हें चौड़ा किया जाएगा। यही आने वाले छह महीनों के लिए हमारा रोडमैप और सोच है। ये खबर भी पढ़ें… वार्ड टॉक में आज वार्ड 49 की पड़ताल उदावत ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की है। इसके लिए यहां की तीस-चालीस साल पुरानी पाइप लाइन को भी बदलवाने का प्लान है। हमने वार्ड में ग्रीन बेल्ट का उपयोग करते हुए वॉकिंग ट्रैक बनवाया है। पढ़िए पूरी खबर। अपने पार्षद के काम से कितने खुश है आप, हमें बताएं…


