इंदौर के रेडिमेड गारमेंट व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद अब बैंक अफसर उनसे संपर्क कर समाधान निकालने की कोशिश में जुटे हुए हैं। व्यापारियों को बैंक अधिकारियों ने सोमवार को मुलाकात के लिए बुलाया है। चर्चा के दौरान व्यापारियों से समस्या पूछी जाएगी और उसका समाधान निकाला जाएगा। यदि कोई सॉल्यूशन नहीं निकलेगा तो उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। रेडिमेड गारमेंट्स व्यापारी एसो. अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया- बैंक अधिकारियों और अन्य संस्थानों ने हमसे संपर्क किया है। साइबर फ्रॉड के चलते हमारा व्यापार करना मुश्किल हो गया। उम्मीद है चर्चा के बाद इस समस्याओं का हल निकले। हमने प्रदेश के वित्त मंत्री को भी मेल किया है। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी को भी अवगत कराया है। पोस्टर लगाए, लिखा-नकद और क्रेडिट कार्ड ही एक्सेप्ट दरअसल, साइबर फ्रॉड की आशंकाओं के चलते इंदौर में कुछ व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट लेना बंद कर दिया है। उन्होंने अपने संस्थानों पर पोस्टर लगा दिए हैं। जिन पर लिखा है कि वे नकद और क्रेडिट कार्ड से ही पेमेंट एक्सेप्ट करेंगे। इसकी वजह यह है कि इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में रेडिमेड दुकान संचालित करने वाले पार्थ जैन के करंट अकाउंट में किसी ग्राहक ने साइबर फ्रॉड का पैसा खरीदी के बाद यूपीआई से ट्रांसफर करा दिया। जिससे उनका खाता फ्रीज कर दिया गया। इस दौरान उनका एक चेक भी बाउंस हो गया था। जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बाद रेडिमेड गारमेंट्स व्यापारी एसोसिएशन के सदस्यों ने आपस में चर्चा की। सभी ने निर्णय लेते हुए यूपीआई से पेमेंट लेना बंद कर दिया और नकद या क्रेडिट कार्ड से बिक्री करना शुरू कर दिया है। यह खबर भी पढ़े… साइबर फ्रॉड से परेशान इंदौर के व्यापारी इंदौर में बढ़ते साइबर फ्रॉड की घटनाओं ने रेडिमेड कपड़ा व्यापारियों को परेशान कर दिया है। हाल ही में एक व्यापारी ने UPI से पेमेंट लेने के बजाय कैश और क्रेडिट कार्ड से पैसे लेने का निर्णय लिया है, और इसकी सूचना दुकानों पर नोटिस के रूप में चस्पा कर दी गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें..


