इंदौर के शास्त्री ब्रिज के फुटपाथ को नया किया जा रहा है। इसका काम भी शुरू हो गया है। पुराने ब्लॉक निकाले जा रहे हैं। मिट्टी को खोदा जाएगा। इसके साथ ही चूहों के लिए ट्रीटमेंट कर जमीन में कांच लगाए जाएंगे, इसके बाद इसे बंद कर नए ब्लॉक लगाए जाएंगे। दरअसल, पिछले महीने की 2 तारीख को शास्त्री मार्केट के पास शास्त्री ब्रिज पर चूहों की वजह से अचानक गड्ढा हो गया था। मामला सामने आया तो जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने एसजीएसआईटीएस कॉलेज के एक्सपर्ट के साथ दौरा किया और यहां का सुधार काम करवाया। कुछ दिनों बाद रीगल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के आसपास चूहों की शिकायतें मिली। उन्होंने यहां का दौरा किया, तो चूहों की बिल देख चौंक गए। इसी दौरान उन्होंने शास्त्री ब्रिज पर बने फुटपाथ को देखा तो वह काफी उबड़-खाबड़ हो गया था, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। फुटपाथ के ब्लॉक निकाले, अब लगेंगे नए ब्लॉक
जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि शास्त्री ब्रिज के फुटपाथ का काम शुरू कर दिया गया है। पुलों के मेंटनेंस और फुटपाथ का काम किया जा रहा है। फुटपाथ को भी एसजीएसआईटीएस कॉलेज के एक्सपर्ट को दिखा दिया है।
रीगल से शास्त्री ब्रिज पर चढ़ने वाली भुजा पर बने फुटपाथ के ब्लॉक को निकाला जा चुका है। यहां पर पेस्ट कंट्रोल किया जाएगा, जमीन में कांच के टुकड़े डाले जाएंगे, ताकि चूहे ना हो सके। इसके साथ ही नए ब्लॉक लगाए जाएंगे और फुटपाथ बना दिया जाएगा। पेड़ों को कराया जाएगा शिफ्ट
उन्होंने बताया कि रीगल चौराहे पर गांधी प्रतिमा की रोटरी को भी पक्का किया जाएगा। यहां से मिट्टी को निकाला जाएगा और यहां पर पक्का निर्माण कर दिया जाएगा। यहां पर लगे कुछ पेड़ झुक गए है, उन्हें यहां से शिफ्ट किया जाएगा। इन पेड़ों को नेहरू पार्क या बगीचे में शिफ्ट किया जाएगा। बाकी पेड़ यहीं पर रहेंगे। इनके आसपास ही निर्माण किया जाएगा। यहां भी चूहों के लिए पेस्ट कंट्रोल कर कांच के टुकड़े भरे जाएंगे, जिसके बाद यहां का भी निर्माण काम किया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… 12 जनवरी 1953 को हुआ था शास्त्री ब्रिज का उद्घाटन 12 जनवरी 1953 को हुआ था शास्त्री ब्रिज का उद्घाटन:इतिहासकार बोले- लाल बहादुर शास्त्री आए थे; ब्रिज से गायब हो गया संगमरमर का बोर्ड…पढ़ें पूरी खबर…


