इंदौर चंदन नगर TI इंद्रमणि पटेल को हटाने के आदेश:सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक जारी किए निर्देश, विभागीय त्रुटि बनी आधार

इंदौर के चंदन नगर के टीआई इंद्रमणि पटेल को आखिरकार तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश हो गए। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली से हुए हैं। एक बार पूर्व में हाईकोर्ट इंदौर ने भी सीपी संतोष सिंह को पटेल पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। लेकिन तब वह याचिका विड्रा हो गई और पुलिस ने भी चुप्पी साध ली। पॉकेट गवाह पेश करने के मामले में आखिरकार वह निपट गए। एक आरोपी पर चार केस की जगह आठ केस बनाने का गलत हलफनामा देने के मामले में 13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस केस में आरोपी अनवर हुसैन की जमानत पहले ही मंजूर हो चुकी थी। इसी केस में असद वारसी ने इंटरविनर बनकर टीआई की कई करतूतों की पोल खोली। इसमें इंटरविनर वारसी की ओर से अधिवक्ता संजय हेगड़े ने बताया कि 25 नवंबर को पाकेट गवाह का मुद्दा आया था और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, लेकिन इसके बाद भी इनके द्वार फिर 30 नवंबर को केस में पाकेट गवाह पेश किए गए।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस एहसानुद्दीन अमानउल्ला और जस्टिस आर. महादेवन ने इसे गंभीरता से लिया। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को निर्देश दिए कि वह शासन, सीपी को सूचित करें और संबंधित टीआई पटेल को लाइनअटैच किया जाए। भले ही सुप्रीम कोर्ट का आर्डर कभी भी अपलोड हो लेकिन आर्डर अपलोड होने का इंतजार नहीं करें, उन्हें लाइनअटैच किया जाए। साथ ही अगले आदेश तक उन्हें किसी भी थाने में कोई काम नहीं दिया जाए। इसका पालन सुनिश्चित कराया जाए। मौखिक आदेश आए
आरोपी अनवर हुसैन पर चार की जगह आठ केस लगाने के मामले में याचिकाकर्ता हुसैन के अधिवक्ता रितम खरे ने बताया कि अभी यह मौखिक आदेश सुप्रीम कोर्ट ने टीआई को लाइन अटैच के किए हैं। वहीं हमारे द्वारा सीपी और पुलिस द्वारा पेश शपथपत्र पर आपत्ति ली गई है। इन्होंने शपथपत्र में कहा है कि हमने टीआई के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। हमारा तर्क है कि जिस तरह का बड़ी लापरवाही किया गया है, उसे इस सामान्य जांच से छिपाने की कोशिश की जा रही है। यह है पूरा मामला
यह पूरा मामला अनवर हुसैन की जमानत याचिका से खुला। हुसैन पर पुलिस ने हाईकोर्ट में चार की जगह आठ अपराध बताए, इसके चलते हाईकोर्ट में जमानत नहीं हुई। मामला सुप्रीम कोर्ट गया। इसमें पुलिस ने गलती मानी कि एक ही नाम को दो आरोपी होने से आठ केस गलती से बता दिए। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर माना और फटकार लगाई। ये खबर भी पढ़ें… दौर के ADCP-टीआई ने सुप्रीम कोर्ट में झूठा हलफनामा दिया इंदौर के एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल और चंदन नगर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को सुप्रीम कोर्ट ने झूठा हलफनामा पेश करने के आरोप में कड़ी फटकार लगाई है। पुलिस अधिकारियों ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कोर्ट में हलफनामा पेश कर दावा किया था कि आरोपी अनवर हुसैन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जस्टिस संदीप मेहता और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की युगल पीठ को पता चला कि हलफनामे में दावा किए गए आठ में से चार मामलों में, जिनमें IPC की धारा 376 का मामला भी शामिल था, याचिकाकर्ता आरोपी भी नहीं था।पूरी खबर पढ़ें

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