इंदौर में बुधवार को एनआरआई महापर्व के चौथे संस्करण की शुरुआत हुई। इस आयोजन में 27 देशों के 220 से ज्यादा प्रवासी भारतीय शामिल हो रहे हैं। इंदौर एनआरआई फोरम की ओर से आयोजित इस महापर्व की अध्यक्षता महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने की। सुबह की शुरुआत यशवंत क्लब में हुई, जहां एनआरआई मेहमानों के लिए पारंपरिक भारतीय खेलों का आयोजन किया गया। गिल्ली-डंडा, कबड्डी, पतंग उड़ाना, लट्टू और लंगड़ी जैसे देसी खेलों में एनआरआई पूरे जोश के साथ शामिल हुए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी इन खेलों में शामिल हुए और प्रवासियों के साथ खूब मस्ती की। खेलों के साथ-साथ एनआरआई मेहमानों ने इंदौर के मशहूर नाश्ते का भी स्वाद लिया। इस पूरे आयोजन में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक साफ नजर आई। हॉन्गकॉन्ग, स्वीडन, जापान, यूके, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, अमेरिका, स्पेन, शारजाह और जर्मनी सहित कई देशों से आए इंदौरी प्रवासी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। शाम को डेली कॉलेज में हुआ बिजनेस समिट शाम को डेली कॉलेज में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में इंदौर की संस्कृति, संस्कार और वैश्विक पहचान को दर्शाने वाला विशेष वीडियो प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही ईयर बुक का विमोचन किया, जिसमें महापौर के सालभर किए गए कामों और उपलब्धियों का उल्लेख है। पैनल डिस्कशन में एनआरआई के सवालों पर खुली चर्चा कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पैनल डिस्कशन रहा, जिसमें एनआरआई द्वारा दिए गए सुझावों और प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एनआरआई के सवालों का खुलकर जवाब दिया। रियल एस्टेट, आईटी, हेल्थ केयर, उद्योग, सेकेंड इनिंग और इंदौर वापसी जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ।दुनिया के विभिन्न देशों से आए प्रवासियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे इंदौर से जुड़ाव का मजबूत मंच बताया। इन मुद्दों पर एनआरआई ने पूछे सवाल, पैनल ने दिए जवाब इंदौर के विकास को नई दिशा देना है उद्देश्य – महापौर इंदौर एनआरआई फोरम का उद्देश्य इंदौर को विकास की नई दिशा देना है। एक साधे, सब सधे की सोच के साथ सफाई को आधार बनाकर इंदौर को एक ग्लोबल ब्रांड के रूप में स्थापित किया गया। स्वच्छता में मिली पहचान के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और निवेश के नए अवसर स्वतः शहर की ओर आने लगे। आज देश-दुनिया की बड़ी स्कूल चेन और अस्पताल इंदौर में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। महापौर चुनाव के दौरान एनआरआई इंदौरियों का मजबूत समर्थन मिला, जिसके बाद उनके विचारों को जोड़ने के लिए इंदौर एनआरआई फोरम की शुरुआत की गई। चार वर्षों में यह फोरम 70 से अधिक देशों में फैले इंदौरियों का एक सशक्त परिवार बन चुका है, जो शहर के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।


