इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजगढ़ के कांग्रेस नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया ने वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने इन मौतों को सरकार और नगर निगम की गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है। सोंधिया के अनुसार, नगर निगम द्वारा दूषित पानी की आपूर्ति के कारण 16 लोगों की जान चली गई, जबकि 250 से 300 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। वीडियो में सोंधिया ने इस मामले की सीधी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर डाली है, क्योंकि वे इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं। उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के महापौर और स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधियों को भी इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। सोंधिया ने आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक लापरवाही से अधिक सिस्टम की विफलता का संकेत है। सरकार के सुशासन के दावों की पोल खुली
कांग्रेस नेता ने इंदौर की घटना को प्रदेश की स्वास्थ्य और नगरीय व्यवस्थाओं की बिगड़ती स्थिति से जोड़ा। उन्होंने छिंदवाड़ा में सरकारी अस्पताल में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत और इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से बच्चों की मौत जैसी पिछली घटनाओं का भी उल्लेख किया। सोंधिया ने कहा कि ये घटनाएं सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोलती हैं। सोंधिया ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासन चरमरा गया है, जिससे आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल सत्ता, पैसे और कमीशन की राजनीति में व्यस्त है। कांग्रेस नेता ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के तत्काल इस्तीफे और इस पूरे मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 11 तारीख तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर इंदौर में प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।


