मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए नियुक्त रोल पर्यवेक्षक और भारत सरकार के संयुक्त सचिव बृजमोहन मिश्रा की विशेष उपस्थिति में आज इंदौर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा ने की। बैठक में बृजमोहन मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि SIR की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण की जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट में शामिल होने से वंचित न रहे और अपात्र का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो। बैठक में कलेक्टर ने जिले में चल रहे SIR की जानकारी दी। उन्होंने मतदाता जागरूकता अभियान और जिले में हुई नवाचारों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि इंदौर जिला स्वच्छता में तो अव्वल है ही, इस कार्य में भी अव्वल रहेगा। SIR शुरू होने के पहले से लेकर वर्तमान स्थिति अब सूची में 24.20 लाख वोटर्स भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 23 दिसंबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। यह प्रकाशन जिले के सभी 3210 मतदान केंद्रों और सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के कार्यालयों में किया गया। वर्तमान प्रारूप सूची में कुल 24 लाख 20 हजार 171 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 12 लाख 20 हजार 628, महिला मतदाता 11 लाख 99 हजार 450 और अन्य मतदाता 93 हैं। 3210 बीएलओ नियुक्त, 280 सुपरवाइजर प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक बीएलओ के मान से कुल 3210 बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक 10 मतदान केन्द्र पर एक-एक सुपरवाइजर के मान से कुल 280 बीएलओ सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। जिले में तय कार्यक्रम के अनुसार 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक मतदाता दावे-आपत्ति और अन्य आवेदन कर सकेंगे। जिले में दावे-आपत्ति के लिए कुल 58 केन्द्र बनाए गए हैं। इन केंद्र पर मतदाताओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं रहेंगी। नो मैपिंग श्रेणी के सभी मतदाताओं को BLO के माध्यम से दो प्रति में नोटिस वितरित किए जाएंगे। मतदाता को 7 दिनों के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत कर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। जिले की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। दावे-आपत्ति प्राप्त करने के लिए बनाए 58 केंद्र, राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक उधर, आज मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के संबंध में मतदाता सूची के संबंध में कलेक्टर की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें बताया गया कि प्रारूप मतदाता सूची के संबंध में दावे आपत्ति प्राप्त करने का काम 22 जनवरी तक चलेगा। इसके लिए जिले में 58 केंद्र बनाए गए हैं। केन्द्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, छाया आदि मूलभूत सुविधाएं की गई हैं। मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस के बाद उनकी निर्धारित स्थानों पर सुनवाई कर मतदाता सूची में नाम शामिल करने और नहीं करने के संबंध में विधिवत आदेश जारी किया जाएगा। जिले में नो मैपिंग वाले मतदाताओं की संख्या 1 लाख 33 हजार 696 है। ऐसे मतदाता निर्धारित दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थानों पर अपना दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके तहत 26 जनवरी 1950 से लेकर 1 जुलाई 1987 के बीच जन्म लेने वाले आवेदक को चिह्नित 12 दस्तावेजों में से एक दस्तावेज देना होगा। इसके बाद 1 जुलाई 1987 से 2003 के बीच जन्म लेने वाले आवेदक को स्वयं के साथ माता या पिता का दस्तावेज भी देना जरूरी होगा। 1 जनवरी 2003 के बाद जन्म लेने वाले आवेदक को स्वयं के साथ ही माता-पिता दोनों का भी दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है।


