इंदौर में बनी डिफ्रॉस्ट सिरप भी बाजार से वापस बुलाई:खांसी-जुकाम की दवाओं से जुड़े दो और केमिकल को लेकर अलर्ट;अब तक 11 बच्चों की मौत

छिंदवाड़ा में किडनी फेल होने से 11 बच्चों की मौत के मामले में कोल्ड्रिफ (Coldrif) और नेक्स्ट्रो-डीएस (Nextro-DS) कफ सिरप पर लगे बैन के अलावा, इंदौर में बनी डिफ्रॉस्ट सिरप को बाजार से वापस बुलाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इंदौर की आर्क फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के खिलाफ कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर डिफ्रॉस्ट सिरप बैच नं. 11198 को बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, औषधि महानियंत्रक (भारत सरकार) और संबंधित राज्यों हिमाचल प्रदेश एवं तमिलनाडु के औषधि नियंत्रकों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। गंभीर अनियमितताएं मिली
26 से 28 सितंबर 2025 तक छिंदवाड़ा जिले में औषधि निरीक्षकों की टीम ने औषधि विक्रय संस्थानों और अस्पतालों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम ने कुल 19 औषधि नमूने परीक्षण के लिए शासकीय प्रयोगशालाओं को भेजे हैं। अब तक राज्य के पास केवल 9 की रिपोर्ट आई है, जबकि 10 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 48.6% डायएथिलीन ग्लायकॉल की मिलावट थी। जो एक जहरीला केमिकल है। वहीं, संदिग्ध नेक्स्ट्रो-डीएस (Nextro-DS) कफ सिरप की रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। यह सिरप हिमाचल प्रदेश के सोलन (बद्दी) की कंपनी से आई है, जिसकी जांच मध्यप्रदेश और हिमाचल दोनों जगह चल रही है। दो और केमिकल को लेकर अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी औषधि निर्माताओं, निरीक्षकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और मेडिकल कॉलेजों के डीन को एडवाइजरी जारी की है। इसमें क्लोरफेनिरामाइन मलेट (Chlorpheniramine Maleate) और फिनाइलफ्रिन एचसीएल (Phenylephrine HCl) जैसे रसायनों के उपयोग को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ये दोनों खांसी-जुकाम की दवाओं में आम तौर पर पाए जाने वाले सक्रिय तत्व (Active Ingredients) हैं। यह संयोजन उपयोगी तो है, लेकिन छोटे बच्चों या बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल पर खतरनाक साबित हो सकता है। क्लोरफेनिरामाइन मैलेट (Chlorpheniramine Maleate) फिनाइलफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड (Phenylephrine Hydrochloride / HCl) औषधि निरीक्षण और रिकॉल प्रक्रिया तेज
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पूरे प्रदेश में औषधि निरीक्षण की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। जिन भी सिरप पर शक है, उन्हें बाजार से वापस बुलाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। औषधियों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार इस दिशा में लगातार सतर्क रहते हुए कार्रवाई कर रही है। SIT तय करेगी जवाबदेही
1 अक्टूबर 2025 को जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मंडला जिलों के औषधि निरीक्षकों को शामिल कर एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जो मामले की गहराई से जांच करेगा और दोषियों की जवाबदेही तय करेगा। परिजन को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कप सिरप के कारण बच्चों की हुई मृत्यु अत्यंत दुखद है। कोल्ड्रिफ कप सिरप की जांच रिपोर्ट आने पर मध्यप्रदेश में इस सिरप की बिक्री को पूर्णता प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रदेश में अभियान के तौर पर छापामारी कर कोल्ड्रिफ सिरप को जब्त किया जा रहा है। कमलनाथ ने लिखा- यह महज दुर्घटना नहीं, मानव निर्मित त्रासदी है पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर लिखा- जहरीला कफ सिरप पीने से अब तक छिंदवाड़ा में 10 बच्चों की मौत हो चुकी है। दुख की इस घड़ी में मेरी भावनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है। लेकिन यह याद रखना होगा कि यह महज दुर्घटना नहीं बल्कि मानव निर्मित त्रासदी है। मैं मध्यप्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि एक-एक मृत बच्चे के परिजन को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। जो बच्चे अभी भी अस्वस्थ हैं, उनके बारे में जानकारी मिल रही है कि उपचार का खर्च वे अपने पास से उठा रहे हैं और सरकार की ओर से कोई उचित सहायता नहीं मिली है।

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