इंदौर में बाघिन जमुना ने 3 शावकों को दिया जन्म:शेरनी बिजली ने भी 2 शावक और हिप्पोप्टेम्स ने एक बच्चे को दिया जन्म

इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में बंगाली बाघिन ‘जमुना’ ने तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों जन्म से इंदौर जू प्रबंधन काफी खुश है। बाघिन ‘जमुना’ के साथ ही शेरनी सुंदरी ने भी दो शावकों को जन्म दिया है। ​​​​​​वहीं, ​हिप्पोप्टेम्स ने भी एक बच्चे को जन्म दिया है। प्राणी संग्रहालय के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया- जू के रखरखाव और माहौल की वजह से यहां पर लगातार जीव जंतुओं का कुनबा बढ़ रहा है। बाघिन जमुना ने 3 शावकों को जन्म दिया है। जिनमें एक सफेद और दो मेलानिस्टिक ब्लैक कलर के हैं। सोमवार को अवकाश के दिन बाड़े में तीन शावक नजर आए। बाघिन जमुना और तीनों शावक स्वस्थ हैं। जमुना अब तक 6 बार में 10 शावकों को जन्म दे चुकी है। जू पहले 17 एकड़ में था, अब 51 एकड़ क्षेत्रफल इंदौर का जू देश के 192 मान्यता प्राप्त चिड़िया घरों में से शामिल है। सेंट्रल जू अथॉरिटी के नियमों के हिसाब से जू की चार कैटेगरी मिनी, स्मॉल, मीडियम और लार्ज होती हैं। इंदौर का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय स्मॉल कैटेगरी में आता है। संग्रहालय पहले 17 एकड़ में फैला था, लेकिन 1999 में आसपास के कैदी बाग की 34 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिए जाने के बाद इसका क्षेत्रफल बढ़कर 51 एकड़ हो गया है। शेर और बाघों के कुनबे में हो रही वृद्धि
प्राणी संग्रहालय में मौजूद शेर और बाघों के कुनबे में लगातार वृद्धि हो रही है। यहां जानवरों को दिए जाने वाले माहौल और उनकी देखभाल के चलते इनके ब्रीडिंग सिस्टम में काफी मदद मिल रही है। वहीं, प्राणी संग्रहालय में शेर और बाघों की बढ़ती संख्या का फायदा प्राणी संग्रहालय प्रबंधन को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भी मिलेगा। पूर्व में भी एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत शेर और बाघ अलग-अलग प्राणी संग्रहालयों को दिए जा चुके हैं। इंदौर में प्रदेश का सबसे बड़ा व सबसे पुराना कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय है जो 1974 में शुरू हुआ था।

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