इंदौर में मतदाता सूची में 26,644 नाम जोड़ने के आवेदन:संघ कार्यालय जाने पर कांग्रेस ने कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए

मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए चल रहे अभियान में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा पूरे शहर में 26644 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में जिला निर्वाचन कार्यालय के द्वारा नियुक्त किए गए पर्यवेक्षकों के द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करते हुए हर नाम की तस्दीक की गई। तस्दीक के दौरान जो मतदाता रहते हुए नहीं पाए गए ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसके साथ ही 2003 के मतदाता सूची में खुद का नाम होने के दस्तावेज न दे पाने वाले 1.33 लाख मतदाताओं के नाम पर नोटिस जारी किए गए हैं। बीजेपी पार्टी के नगर महामंत्री सुधीर कोल्हे ने बताया कि भाजपा के द्वारा 26644 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म नंबर 6 जमा कराया गया है। इसमें देपालपुर में 1231, इंदौर एक में 3160, इंदौर दो में 2886, इंदौर 3 में 1751, इंदौर चार में 3141, इंदौर 5 में 5759, राऊ में 5058, सांवेर में 1720 और महू में 1938 मतदाताओं के नाम जोड़ने के आवेदन दिए गए हैं। संघ कार्यालय जाने के मामले में कांग्रेस ने कलेक्टर पर लगाए आरोप मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट प्रमोद कुमार द्विवेदी ने आरोप में कहा है कि न्यायालय की अवमानना के जिन अधिकारियों पर मामला लंबित और प्रमोशन पा जाएं, तो वे संघ दफ्तर को ही तो राज्य सचिवालय समझेंगे। पटेल नगर बावड़ी हादसा कांड पर दायर जनहित याचिकाओं में हुए आदेश का पालन ना होने पर तत्कालीन कलेक्टर एवं निगमायुक्त दोनों के विरुद्ध हाई कोर्ट में अवमानना याचिका लगी हैं, जिनमें इन्हें नोटिस हुए हैं। द्विवेदी ने सवाल उठाया कि संघ क्या राज्य सचिवालय है और संघ पदाधिकारी क्या राज्य सचिव है कि जिला कलेक्टर वहां सलाह लेने गए थे या सफाई देने गए थे।

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