सिंधी साहित्य अकादमी म.प्र. के तत्वावधान में दो दिवसीय सिंधी कविता-ग़ज़ल लेखन कार्यशाला लगी। अकादमी के निदेशक राजेश कुमार वाधवानी ने बताया कि कार्यशाला का आयोजन 25 और 26 दिसंबर को स्थित लाड़काना सिंधु पैलेस में आयोजित किया गया। इसमें शामिल होने के लिए इंदौर सहित प्रदेश के अन्य शहरों से 40 से अधिक प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। कार्यशाला का शुभारंभ नागपुर के प्रशिक्षक डॉक्टर विनोद आसुदाणी व भोपाल के नारी लच्छवाणी एवं विशिष्ट अतिथि भगवान बाबानी द्वारा इष्ट देव भगवान झूलेलाल एवं मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण के बाद हुआ। कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. आसूदाणी ने कहा कि काव्य लेखन और ग़ज़ल लेखन साहित्य की एक विशिष्ट विधा है और कविता व ग़ज़ल लिखने के लिए हमें छंद का ज्ञान होना आवश्यक है। मध्यप्रदेश सिंधी साहित्य अकादमी द्वारा इस काव्य तथा ग़ज़ल लेखन प्रशिक्षण के संबंध में किए जा रहे प्रयासों से सिंधी साहित्य के संवर्धन को बल मिलेगा । कार्यशाला के पहले दिन प्रशिक्षणार्थियों को ग़ज़ल, शायरी, सोरठा, कविता व दोहा लेखन के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। कार्यशाला समाप्ति के बाद गुरुवार शाम को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, सममें उन कवि एवं गीतकारों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी जो कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थी के रूप में शामिल हुए।


