प्लेटफॉर्म भी चुनिंदा- 29% ट्रेनें प्लेटफार्म-4 से, प्लेटफार्म-1 से 20 फीसदी ट्रेनों का संचालन इंदौर रेलवे स्टेशन से सप्ताह में कुल 277 ट्रेनें चल रही हैं। इनमें से अधिकांश का संचालन दिन के सिर्फ 09 घंटों के दरमियान में हो रहा है। सुबह 6 से 9, दोपहर 3 से 5 और रात 8 से 11 बजे तक के पीक ऑवर्स में स्टेशन पर आवाजाही चरम पर रहती है। दूसरी ओर रात 12 से सुबह 4 बजे तक के 4 घंटों में कोई ट्रेन नहीं है। दो घंटे ऐसे हैं, जिनमें चार ट्रेनों की आवाजाही हो रही है। इंदौर रेलवे स्टेशन रि-डेवलपमेंट के डीपीआर प्रोजेक्ट में यह जानकारी सामने आई है। इसमें सप्ताह के पीक ऑवर्स की जो रिपोर्ट बनाई गई है, उसके अनुसार पूरे सप्ताह में सुबह 6 से 9 के बीच 51 ट्रेन, दोपहर 3 से 5 बजे के बीच 57 और रात 8 से 11 बजे के बीच 50 ट्रेनों का संचालन हर सप्ताह हो रहा है। इंदौर का प्लेटफार्म-4 सबसे व्यस्त है। यहां से सबसे ज्यादा 29 फीसदी ट्रेन संचालित होती हैं। इसके बाद प्लेटफार्म-1 से 20 फीसदी ट्रेनों का संचालन हो रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने कहा, स्टेशन रि-डेवलपमेंट का काम जल्द शुरू होना है। नया स्टेशन बनने के बाद शेड्यूल को व्यवस्थित करने की पहल करेंगे ताकि इंदौर को अधिक ट्रेनें मिल सके। रेलवे एक्सपर्ट – टाइमिंग कमेटी में उठे यह मुद्दा रेलवे एक्सपर्ट नागेश नामजोशी ने कहा, इंदौर से अधिक ट्रेनों के संचालन के लिए पीक ऑवर्स की जगह बाकी समय में भी ट्रेनों की आवाजाही होनी चाहिए। टाइमिंग कमेटी की मीटिंग में इस मुद्दे को रखा जाना चाहिए। प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाना भी आवश्यक है। रि-डेवलपमेंट प्लान में भी चार ही प्लेटफॉर्म का प्रावधान है। रिटर्न ट्रेनों की संख्या बढ़ना चाहिए। महू, लक्ष्मीबाई नगर, राजेंद्र नगर स्टेशनों से ट्रेनों का संचालन हो।


