इंदौर मेट्रो का अगले साल 5.5 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर पैसेंजर रन शुरू किया जाना है। इस पैसेंजर रन के लिए मेट्रो अधिकारियों ने तय समय-सीमा में बचे कार्यों को पूरा करने के लिए रोजाना ही रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद इस कॉरिडोर पर हो रहे निर्माण कार्य के लिए रोजाना समीक्षा हो रही है। दूसरी तरफ मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए निजी और सरकारी जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। ताकि पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जा सके। कलेक्टर ने रीगल के पास स्थित मिल्की वे सिनेमा की जमीन भी नगरीय विकास एवं आवास विभाग के नाम करने और खजराना चौराहा की सर्विस रोड की जमीन के भी हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कराई है। बता दें, पैसेंजर रन के साथ ही नए साल से अंडरग्राउंड रुट पर भी काम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर पर काम तेज 32 किलोमीटर के इंदौर के मेट्रो प्रोजेक्ट को फिलहाल अमल में लाया जा रहा है। जिसमें अभी गांधी नगर से लेकर सुपर कॉरिडोर, एमआर-10, विजय नगर, रेडिसन चौराहा से रोबोट चौराहा तक 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर पर तेज गति से काम चल रहा है। वहीं उसके आगे खजराना चौराहा तक भी काम शुरू हो गया है। अंडरग्राउंड रुट की बाधाएं भी लगभग दूर हो गई है। पिछले दिनों मेट्रो कॉर्पोरेशन ने इसके लिए टेंडर बुलाए थे, जिसमें 6 कंपनियां तकनीकी रूप से सफल साबित हुई और अब वित्तीय टेंडर इनके खोले जाना है। फिलहाल अंडरग्राउंड रुट में कोई परिवहन भी शासन स्तर पर नहीं किया गया है। दूसरी तरफ, पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं के लिए निजी और सरकारी जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। गांधी नगर चौराहा के पास छोटा बांगड़दा, विद्याधाम आश्रम की सिरपुर की जमीन के अलावा रामचंद्र नगर स्थित सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय और शारदा कन्या विद्यालय की जमीनों के साथ-साथ निजी जमीनें भी अधिग्रहित की जा रही है और इसके बदले टीडीआर, टीओडी पॉलिसी का लाभ दिया जाएगा। मिल्की वे सिनेमा की जमीन भी मेट्रो को सौंपेंगे एमजी रोड पर रीगल के पास मिल्की वे सिनेमा की जमीन भी मेट्रो कॉर्पोरेशन की मांग पर सौंपी जा रही है। हालांकि यहां पर अंडरग्राउंड स्टेशन बनेगा और फिर उसके ऊपर नगर निगम व्यवसायिक भवन बनाकर राजस्व अर्जित कर सकेगा। इसी तरह खजराना चौराहा पर सर्विस रोड में सर्वे नंबर 897/1 की जमीन पार्किंग सहित अन्य कार्य के लिए दी जा रही है। वहीं, अन्य निजी और सरकारी जमीनें भी प्रशासन हस्तांतरित करवा रहा है। इंदौर-उज्जैन मेट्रो के लिए बनेंगे 10 स्टेशन इंदौर-उज्जैन मेट्रो के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा सर्वे पूर्ण कर रुट एलायमेंट तय कर लिया गया है। निर्धारित एलायमेंट के अनुसार प्रोजेक्ट में कुल 10 स्टेशन बनाए जाएंगे। मेट्रो इंदौर के लवकुश चौराहे से उज्जैन के महाकाल लोक तक कुल 47 किमी चलेगी। दोनों शहरों के बीच हाइब्रिड मोड मेट्रो चलेगी। डीएमआरसी जल्द ही मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर प्रस्तुत करेगी। इंदौर-उज्जैन मेट्रो का लाभ यात्रियों को सिंहस्थ 2028 के बाद ही मिल पाएगा। दरअसल इसके लिए बजट की कमी आड़े आ रही है। प्रोजेक्ट करीब 10 हजार करोड़ रुपए का है जिसे जुटाना राज्य सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। ऐसे में सिंहस्थ के पहले प्रोजेक्ट पूरा होना मुश्किल लग रहा है। 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ से पहले प्रोजेक्ट पूरा नहीं होने की स्थिति में रेल मार्ग से इंदौर से उज्जैन जाने के लिए अन्य ट्रेनों के अलावा यात्रियों के लिए वंदे मेट्रो ट्रेन का विकल्प भी रहेगा। बता दें कि रेल मंत्रालय इंदौर से उज्जैन वंदे मेट्रो ट्रेन चलाने पर सहमति दे चुका है। 3 कोच के एक सेट से किया जा रहा ट्रायल इंदौर में अभी 10 मेट्रो ट्रेन के सेट आए हैं, जिनमें 30 कोच हैं। सभी गांधी नगर के डिपो पर खड़े हैं। इन्हीं कोच में से 3 कोच के एक सेट को ट्रायल में इस्तेमाल किया जा रहा है। मेट्रो के एक सेट में 3-3 डिब्बे रहेंगे। यानी 25 मेट्रो ट्रेन में 75 डिब्बे जुड़े रहेंगे, जो अभी बन रहे पहले चरण के एलिवेटेड और अंडरग्राउंड ट्रैक पर एयरपोर्ट से एयरपोर्ट तक दौड़ेंगे। इसकी कुल लम्बाई लगभग 32 किलोमीटर रहेगी। 16 मेट्रो स्टेशनों का काम चल रहा है, जिनमें से 5 स्टेशन पर सिग्नल भी लगाए जा चुके हैं।


