रेलवे स्टेशन के विस्तार, यार्ड की रिमॉडलिंग व ट्रेनों की गति बढ़ाने में बाधा बन रहे 72 साल पुराने शास्त्री ब्रिज की जगह नया ओवर ब्रिज बनाने की तैयारी है। रेलवे की हालिया सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिज की कम ऊंचाई, सीमित चौड़ाई और ट्रैक पर तीखे घुमाव (कर्व) से स्टेशन के मास्टर प्लान को लागू करने में कठिनाई आ रही है। इसी कारण रतलाम मंडल ने रेलवे बोर्ड को 130 करोड़ रुपए की लागत से नया फोरलेन केमल बैक ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भेजा है। इसी माह के अंत तक इसे मंजूरी मिल सकती है। नए ब्रिज से फायदा- 24–26 कोच की ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। कर्व खत्म होगा। मालगाड़ियां सभी प्लेटफॉर्म से गुजर पाएंगी। थ्रू लेन से स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी। ऐसा होगा नया शास्त्री ब्रिज नए ब्रिज से इंदौर रेलवे स्टेशन देवास की ओर 6 मीटर खिसकेगा। प्लेटफॉर्म के कर्व सीधे होंगे, पुरानी डिजाइन की गलती खत्म होगी। ब्रिज की ऊंचाई 0.80 मीटर बढ़ाकर 5.87 मीटर की जाएगी। मौजूदा स्टेशन क्यों बन गया ‘बॉटलनेक’ शहर के ट्रैफिक पर भी बड़ा असर प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड भेज दिया गया है इंदौर स्टेशन के विस्तार के लिए शास्त्री ब्रिज को तोड़कर नया बनाया जाना है। प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड भेजा है। संभवत: इसी माह के अंत तक मंजूरी मिल जाएगी। -अश्वनी कुमार डीआरएम, रतलाम मंडल


