क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक साधारण सा दिखने वाला पेन पूरे ज्योमेट्री बॉक्स की जगह ले सकता है? श्रीगंगानगर के जपनूर सिंह ने इसे हकीकत में कर दिखाया है। खास बात है कि जपनूर के “5-इन-1 स्मार्ट पेन’ को अब भारत सरकार से डिजाइन पेटेंट मिल गया है। यह आविष्कार न केवल स्कूली बच्चों के भारी बस्ते का बोझ कम करेगा, बल्कि देश में “मेक इन इंडिया’की नई इबारत भी लिखेगा। वर्तमान में श्री गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल अमृतसर में क्लास 6 के छात्र जपनूर सिंह ने अपनी मेधा और नवाचार से देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने जपनूर द्वारा डिजाइन किए गए एक अनोखे मल्टी-यूज ज्योमेट्री पेन को आधिकारिक तौर पर रजिस्टर कर लिया है। पंजाबी सिटी निवासी जपनूर के पिता डॉ. प्रभदीप सिंह का दावा है कि उनका बेटा संभवतः श्रीगंगानगर के सबसे कम उम्र के ऐसे इनोवेटर बन गए हैं जिनके नाम पर भारत सरकार का डिजाइन पेटेंट दर्ज है। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया है कि अगर सोच बड़ी हो और सही मार्गदर्शन मिले, तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती। भारी ज्योमेट्री बॉक्स का स्मार्ट विकल्प जपनूर का यह आविष्कार स्कूली छात्रों की सबसे बड़ी समस्या-भारी बैग और खोते हुए छोटे उपकरणों का समाधान है। ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के सहयोग से विकसित इस ऑल-इन-वन पेन में कई खूबियां समाहित हैं.… 5-इन-1 तकनीक: इस एक पेन में लिखने के लिए पेन, ड्राइंग के लिए पेंसिल, सुधार के लिए इरेजर, मापने के लिए मिनी स्केल और वृत्त बनाने के लिए कम्पास (सर्कल मेकर) को बेहद खूबसूरती से फिट किया गया है।
छात्रों का बोझ होगा कम: अब छात्रों को परीक्षा या क्लास में अलग से भारी ज्योमेट्री बॉक्स ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनका बैग हल्का और व्यवस्थित रहेगा। इसलिए खास है यह आविष्कार विशेषता – छात्रों के लिए लाभ कॉम्पेक्ट डिजाइन – पेन की तरह जेब में आ जाता है। समय की बचत – परीक्षा के दौरान बार-बार औजार बदलने की जरूरत नहीं। लागत प्रभावी- अलग-अलग 5 चीजें खरीदने के बजाय एक स्मार्ट टूल। खो जाने का डर नहीं – छोटे स्केल और इरेजर गुम होने की समस्या खत्म।


