इमरजेंसी गेट-सेफ्टी हैमर-पैनिक बटन नहीं होने पर स्लीपर-बसें होंगी जब्त:राजस्थान में आज रात से बिना ‘बस बॉडी कोड’ वाली अवैध गाड़ियों पर विभाग करेगा कार्रवाई

जैसलमेर में पिछले साल हुए बस हादसे के बाद स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। ऐसे में राजस्थान में अब जिन स्ली​​​​​पर​ बसों में अब इमरजेंसी गेट, गैंगवे (गलियारा), सेफ्टी हैमर और पैनिक बटन नहीं होंंगे। वहीं बसों में अवैध रूप से सामान रखने की डिक्की होगी, इन्हें जब्त किया जाएगा। राजस्थान परिवहन विभाग शुक्रवार रात से ऐसी बसों पर कार्रवाई करेगा। बिना बस बॉडी कोड के चल रही स्लीपर बसों को अब सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के अवैध स्लीपर बसों पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद राजस्थान में परिवहन विभाग ने यह कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने बस बॉडी कोड का उल्लंघन कर चल रही स्लीपर बसों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। बसें सीज होंगी, मॉडिफिकेशन के बाद ही मिलेगी अनुमति
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया- परिवहन आयुक्त के निर्देशों के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसों को सीज किया जाएगा। जब तक इन बसों में ‘बस बॉडी कोड’ के अनुसार जरूरी मॉडिफिकेशन नहीं किए जाते। तब तक उन्हें दोबारा चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शेखावत ने कहा- यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा- इन आदेशों के तहत जयपुर के आरटीओ प्रथम क्षेत्र में शुक्रवार रात से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। भास्कर ने देखी था बसों में सुरक्षा के मानक, यह दिखी थी सच्चाई
भास्कर टीम ने अक्टूबर 2025 को सिंधी कैंप, स्टेशन रोड और अजमेर रोड 200 फीट बाइपास पर करीब 50 से ज्यादा स्लीपर बसों की जांच की थी। इनमें सिर्फ एक-दो बस ही नियमों के अनुसार मिलीं थी। किसी भी बस में फायर सेफ्टी इक्विपमेंट नहीं थे। गैलरी इतनी छोटी थी कि निकलना मुश्किल था। कई बसों में पर्दों की जगह शीशे या शटर लगे थे, जो आसानी से खुल भी नहीं रहे थे। जैसलमेर बस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे थे सवाल
जैसलमेर में पिछले साल स्लीपर बस में हादसा हुआ था। बस को मॉडिफाइड करने के कारण हादसा हुआ था। ऐसे में परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बनी ऐसी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। अधिकारियों का मानना है कि अभियान से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और सड़क हादसों पर भी अंकुश लगेगा। परिवहन विभाग ने कहा- जयपुर में अब बिना बस बॉडी कोड वाली स्लीपर बसें नहीं चल पाएंगी। बिना इमरजेंसी गेट, बिना पैनिक बटन और अवैध सामान की डिक्की बनाकर चल रही गाड़ियों को मौके पर ही जब्त किया जाएगा। विभाग की टीमें रात से ही चेकिंग अभियान में जुटेंगी। वहीं नियमों का उल्लंघन मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें… 40-लाख बचाने का जुगाड़,आग का गोला बन रही स्लीपर बसें:भास्कर को 50 से ज्यादा बसों में इमरजेंसी गेट बंद मिले; पर्दों की जगह शीशे-शटर थे जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एसी स्लीपर बस में आग की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। बस में सवार 57 यात्रियों में से 21 की मौत हो चुकी हैं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आर्मी ने JCB लगाकर बस का गेट तोड़ा और लोगों का रेस्क्यू किया। हादसे के बाद भास्कर ने जयपुर स्थित सिंधी कैंप, स्टेशन रोड और अजमेर रोड 200 फीट बाइपास पर 5 घंटे तक स्लीपर बसों का रियलिटी चेक किया। हैरत की बात रही कि करीब 50 बस तय मानकों के अनुरूप नहीं मिली। (पूरी खबर पढ़ें)

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