पंजाब के लुधियाना के जगराओं के मोहल्ला लहोरिया के रहने वाले राजन शर्मा से इमीग्रेशन फंड शो के नाम पर 20 लाख रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने फरीदकोट के रहने वाले एजेंट गुरप्रीत सिंह और बाप-बेटे परमजीत सिंह व बबलजीत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। ठगों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए बाकायदा कागजी कार्रवाई की और उसे अपने बैंक खाते का एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड तक सौंप दिया था। ठगी की साजिश इतनी शातिर थी कि पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी। जैसे ही राजन शर्मा ने 20 लाख रुपये आरोपी बबलजीत के खाते में ट्रांसफर किए, आरोपियों ने तुरंत बैंक जाकर खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदलवा दिया। इस चालाकी की वजह से खाते से पैसे निकालते समय पीड़ित के पास मौजूद सिम कार्ड पर कोई मैसेज या ओटीपी नहीं आया। आरोपियों ने धीरे-धीरे पूरे 20 लाख रुपये खाते से साफ कर दिए। परिवार ने आरोपियों को जायदाद से बेदखल करने का नाटक रचा धोखाधड़ी का पता तब चला जब कई दिनों तक खाते में कोई हलचल नहीं हुई और जांच करने पर पता चला कि बैलेंस शून्य हो चुका है। जब पीड़ित ने आरोपियों के घर संपर्क किया, तो उनके परिवार ने आरोपी बेटे को जायदाद से बेदखल करने का नाटक शुरू कर दिया ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और मामले की लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज पर पकड़ से बाहर थाना सिटी की पुलिस ने जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सुखविंदर सिंह के अनुसार, तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।


