इम्पैक्ट-फोकस्ड एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत किए गए एमओयू:वर्ल्ड क्राफ्ट काउंसिल- एशिया पैसिफिक रीजन के इंटरनेशनल और नेशनल डेलीगेट्स ने आर्च कॉलेज में की विजिट

आर्च कॉलेज ऑफ डिजाइन एंड बिजनेस ने इम्पैक्ट-फोकस्ड एंटरप्रेन्योरशिप (IFE) प्रोग्राम के तहत छह इंडस्ट्रीज के साथ एमओयू साइन किया। यह कोलैबोरेशन इरास्मस प्लस को लाइफ प्रोजेक्ट के तहत किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य स्थायी उद्यमिता को बढ़ावा देना और सामाजिक-आर्थिक समृद्धि में योगदान करना है। यह एमओयू जयपुर रग्स, जयपुर ब्लॉक, कल्पना हैण्डमेड पेपर और नीरजा पॉटरी जैसे प्रमुख उद्योगों के साथ साइन किया है। इसके तहत ये संगठन पाठ्यक्रम के कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से सहयोग करेंगे। इस दौरान वर्ल्ड क्राफ्ट कौंसिल – एशिया पैसिफिक रीजन के इंटरनेशनल और नेशनल डेलीगेट्स भी शामिल हुए जो कि हैंड क्राफ्ट्स के इवेंट के लिए जयपुर आए हुए थे। एमओयू साइन के दौरान जयपुर रुग्स के फाउंडर एन के चौधरी, नीरजा पॉटरी से लीला बोरडिया, जयपुर ब्लॉक से एमडी राज कवंर, कल्पना पेपर्स से त्रिलोक सैनी और दिलीप इंडस्ट्रीज के फाउंडर और इपीसीएच प्रेजिडेंट दिलीप बैध शामिल हुए। आर्च कॉलेज की संस्थापक और निदेशक अर्चना सुराना ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है। मेरा मानना है कि डिजाइन और नवाचार के माध्यम से एक ऐसा पाठ्यक्रम तैयार किया जा सकता है जो न केवल छात्रों को उद्यमिता में दक्ष बनाए, बल्कि उन्हें समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक भी बनाए। आज इंडस्ट्रीस के साथ साइन हुए एमओयू हमारे प्रयासों को मजबूत करेगा और छात्रों को एक बेहतर, स्थायी भविष्य की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इरास्मस प्लस प्रोग्राम यूरोपीय संघ की एक प्रमुख पहल है, जो शिक्षा, प्रशिक्षण, युवा और खेल के क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देती है। इसका उद्देश्य शिक्षा को सशक्त बनाकर सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। इस प्रोजेक्ट में आठ हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट जिनमें फिनलैंड की लॉरिया यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज, डेनमार्क की आहुस यूनिवर्सिटी, बेल्जियम की थॉमस मोर यूनिवर्सिटी जैसी यूरोपीयन इंस्टिट्यूट भी शामिल है। भारत से इसमें आर्च कॉलेज ऑफ डिजाइन एंड बिजनेस (जयपुर) के साथ इंडियन स्कूल ऑफ डेवलपमेंट मैनेजमेंट (ISDM), गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GIM), और एकोल इंटुइट लैब (मुंबई) जैसे शिक्षा संस्थानों की भी भागीदारी है। इस कोलैबोरेशन के माध्यम से यूरोपीय और अन्य भारतीय शैक्षणिक संस्थान साथ मिलकर एक ऐसा कोर्स तैयार कर रहा है, जो छात्रों को इंपैक्ट फोकस एंटरप्रेन्योरिशप के कौशल सिखाएगा। इस कोर्स में समाज और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों भी शामिल होंगे। साथ ही, यह शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल बिठाने पर जोर देगा, जिससे छात्रों को असली दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जा सके। क्रिएटिव एंटरप्रेन्योरशिप और सस्टेनेबल एंटरप्राइज को बढ़ावा देने के लिए आर्च कॉलेज ऑफ डिजाइन एंड बिजनेस ने कई पहल की हैं | कॉलेज का डिजाइन बिजनेस इनक्यूबेटर (हबइन) रचनात्मक उद्यमिता पर केंद्रित है, जो छात्रों को परिवर्तनकारी डिजाइन और नवाचार आधारित व्यापार मॉडल विकसित करने में मदद करता है। साथ ही यह को-लाइफ प्रोजेक्ट में भी भाग लिया है, जिसका उद्देश्य डिज़ाइन-आधारित नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से स्थायी भविष्य का निर्माण करना है।

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