भास्कर न्यूज | जालंधर ऐसा पहली बार हो रहा है। नगर निगम चुनाव में वोटिंग का दिन 21 दिसंबर है। केवल तीन दिन शेष बचे हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों के दफ्तरों में वोटर लिस्ट के बसते बन रहे हैं। ईवीएम के जमाने में भी बसते ही बनते हैं। हर वार्ड में जिस पोलिंग बूथ पर दलों के वर्कर पोलिंग एजेंट बनकर बैठेंगे, उनके हाथ में वोटरों की लिस्ट होती है। जैसे ही कोई शख्स वोट डालता है तो उसे पहचानने का काम इसी से होता है। ऐसे में वोटिंग लिस्ट को एक बैग में डालकर हर बूथ पर पहुंचाया जाता है। इसे ही बस्ता कहते हैं। कांग्रेस भवन में सारा दिन वोटिंग लिस्ट को लेकर रणनीति बनती रही। हर पोलिंग बूथ की वोटिंग लिस्ट की स्टडी हो रही है। दूसरी तरफ भाजपा भी हर मंडल के वार्डों की तैयारी कर रही है। शिअद तथा बसपा में भी काम तेज है। हर दल 20 तारीख तक सभी 85 वार्ड की 6 लाख से अधिक वोटरों की लिस्ट में से अपने-अपने वार्ड में ये तैयारी कर रहा है। आज तक कोई िडजिटल डिवाइस नहीं बने कि कागज के बसतों की जगह ले सकें। पोलिंग बूथ के अंदर फोन आदी नहीं लेकर जा सकते।


